Punjab और Haryana में पराली जलाने वालों पर अब ड्रोन से होगी नजर, CAQM ने दिए सख्त निर्देश
Punjab/Haryana: सर्दियों में होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए अब खेतों में आग लगाने वालों की पहचान ड्रोन के जरिए की जाएगी। Commission for Air Quality Management (CAQM) ने पंजाब और हरियाणा सरकार को जल्द से जल्द ड्रो
Punjab/Haryana: सर्दियों में होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए अब खेतों में आग लगाने वालों की पहचान ड्रोन के जरिए की जाएगी। Commission for Air Quality Management (CAQM) ने पंजाब और हरियाणा सरकार को जल्द से जल्द ड्रोन खरीदने के निर्देश दिए हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि फसल कटाई के सीजन में पराली जलाने की घटनाओं को रीयल-टाइम में पकड़ा जा सके और तुरंत कार्रवाई की जा सके।
अभी तक पराली जलाने की निगरानी के लिए सैटेलाइट तस्वीरों का इस्तेमाल होता था, लेकिन इसमें काफी समय लगता था। अधिकारियों के मुताबिक सैटेलाइट डेटा मिलने में एक दिन की देरी होती है और जला हुआ क्षेत्र भी हर 15 दिन में एक बार पता चलता है, जिससे मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करना मुश्किल होता था। अब ड्रोन की मदद से फील्ड टीमें लाइव वीडियो देख सकेंगी और आग लगने पर तुरंत उसे बुझाने या जुर्माना लगाने के लिए पहुंच सकेंगी।
CAQM ने जून के अंत में हुई एक मीटिंग में दोनों राज्यों को हॉटस्पॉट गांवों के लिए ड्रोन तैनाती का पूरा प्लान तैयार करने को कहा था। इससे पहले मई 2026 में पटियाला जिले में एक पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था, जो सफल रहा। अब इस सिस्टम को बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।
प्रशासन अब केवल ड्रोन पर ही निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि इसके लिए कुछ और कड़े कदम भी उठाएगा:
- पराली जलाने वाले हॉटस्पॉट इलाकों में सबसे पहले ड्रोन तैनात किए जाएंगे।
- राज्यों को एक ‘Parali Protection Force’ बनाने और देर शाम तक गश्त करने की रणनीति तैयार करने को कहा गया है।
- ड्रोन के इस्तेमाल के लिए एक Standard Operating Procedure (SOP) तैयार किया जा रहा है, जिसमें तय होगा कि हर जिले और गांव में कितने ड्रोन होंगे।
- किसानों के बीच यह गलतफहमी है कि पराली में कीटनाशक होते हैं इसलिए उसे मिट्टी में नहीं मिलाना चाहिए, इसे दूर करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
इस पूरी योजना की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, डिप्टी कमिश्नर और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों की होगी ताकि जमीनी स्तर पर इसे सख्ती से लागू किया जा सके।