Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के विज्ञान भवन में एक राष्ट्रीय स्तर के ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लागू करने के लिए
Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के विज्ञान भवन में एक राष्ट्रीय स्तर के ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लागू करने के लिए प्रस्तावित संशोधनों पर समर्थन जुटाना है। इस मौके पर सरकार, विज्ञान, खेल, मीडिया और समाज सेवा जैसे अलग-अलग क्षेत्रों की सफल महिलाएं और दिग्गज हस्तियां शामिल होंगी।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 क्या है और इसके नियम क्या हैं?
यह कानून सितंबर 2023 में पास हुआ था, जिसे संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम कहा जाता है। इसके तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई (33%) सीटें रिजर्व करना तय किया गया है। यह आरक्षण 15 साल की अवधि के लिए होगा। इसमें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाओं के लिए भी कोटा तय होगा और सीटों को अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में रोटेट किया जाएगा।
आरक्षण लागू करने के लिए क्या नए बदलाव किए जा रहे हैं?
सरकार चाहती है कि यह आरक्षण 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों तक लागू हो जाए। इसके लिए 8 अप्रैल 2026 को कैबिनेट ने तीन ड्राफ्ट संशोधन बिलों को मंजूरी दी है। इन बदलावों के बाद लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो सकती है, जिसमें करीब 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। पहले यह प्रक्रिया 2027 की जनगणना और परिसीमन के बाद होनी थी, जिससे इसमें देरी हो सकती थी, लेकिन अब इसे तेज किया जा रहा है।
आगे की क्या योजना है और संसद में क्या होगा?
महिलाओं के आरक्षण और इन संशोधनों पर चर्चा करने के लिए संसद का एक विशेष तीन दिवसीय सत्र 16 से 18 अप्रैल 2026 तक बुलाया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि शासन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़े। इसे ‘विकसित भारत 2047’ के विजन का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है, ताकि पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं का नेतृत्व बढ़ सके।