Delhi: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को राजधानी के सेवा तीर्थ में Council of Ministers की एक लंबी बैठक की। करीब साढ़े चार घंटे चली इस बैठक में PM Modi ने साफ कहा कि Viksit Bharat 2047 सिर्फ एक नारा नहीं बल्कि सरक
Delhi: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को राजधानी के सेवा तीर्थ में Council of Ministers की एक लंबी बैठक की। करीब साढ़े चार घंटे चली इस बैठक में PM Modi ने साफ कहा कि Viksit Bharat 2047 सिर्फ एक नारा नहीं बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता है। यह बैठक NDA सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने से पहले एक मिड-टर्म रिव्यू के तौर पर की गई थी।
PM Modi ने मंत्रियों को क्या निर्देश दिए?
प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से फैसलों में तेजी लाने और गवर्नेंस को और सरल बनाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि काम करने के तरीके में सुधार किया जाए और प्रोडक्टिविटी बढ़ाई जाए। जिन मंत्रालयों का प्रदर्शन कम रहा है, उन्हें अपनी कमियों को सुधारने और जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है।
बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई?
इस बैठक में NITI Aayog और कैबिनेट सचिव ने अपनी प्रेजेंटेशन दी। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने PM Modi के हालिया पांच देशों (UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली) के दौरे के बारे में जानकारी दी। साथ ही, पश्चिम एशिया के संकट और उससे आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक असर को कम करने पर भी चर्चा हुई। कृषि, सड़क परिवहन, वाणिज्य और बिजली जैसे कई मंत्रालयों ने अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की।
Viksit Bharat 2047 का लक्ष्य क्या है?
इस विजन का मकसद 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाना है। इसके तहत अगले दो दशकों में 30 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के मुख्य स्तंभ युवा, गरीब, महिलाएं और किसान हैं। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Viksit Bharat 2047 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य आजादी के 100 साल पूरे होने तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसमें 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और बेहतर सामाजिक बुनियादी ढांचे का लक्ष्य शामिल है।
PM Modi की हालिया विदेश यात्रा में कौन से देश शामिल थे?
प्रधानमंत्री ने 15 से 20 मई 2026 के बीच UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा की, जिसका मकसद व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना था।