Philippines में उपराष्ट्रपति Sara Duterte की मुश्किलें बढ़ीं, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका, जारी रहेगा महाभियोग ट्रायल

World : फिलीपींस की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति Sara Duterte की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे महाभियोग (Impeachment) की कार्यवाही को रोकने की मांग की थी

World : फिलीपींस की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति Sara Duterte की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे महाभियोग (Impeachment) की कार्यवाही को रोकने की मांग की थी। कोर्ट ने साफ कहा कि अब मामला उनके हस्तक्षेप के दायरे से बाहर है क्योंकि ट्रायल पहले ही शुरू हो चुका है।

कोर्ट ने बुधवार, 5 अगस्त 2026 को यह फैसला सुनाया। अदालत के मुताबिक, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है और महाभियोग के दस्तावेज़ सीनेट को भेज दिए हैं। वर्तमान में सीनेट कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है और यह ट्रायल अपने 13वें दिन पर पहुंच गया है। इस वजह से कोर्ट ने याचिका को बेकार (moot) मानते हुए इसे खारिज कर दिया।

इस पूरे मामले में उपराष्ट्रपति पर पैसों के हेर-फेर और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। मुख्य रूप से 2022 में गोपनीय फंड (Confidential Funds) के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि 125 मिलियन पेसो के खर्च के सबूत के तौर पर असली बिल या इनवॉइस के बजाय सिर्फ रसीदें जमा की गईं। इसके अलावा, दवाओं की खरीद के लिए इस्तेमाल किए गए 40 मिलियन पेसो के फंड को भी गलत बताया गया है।

ट्रायल के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ रही हैं:

  • उपराष्ट्रपति पर 612.5 मिलियन पेसो के गोपनीय फंड के दुरुपयोग का आरोप है।
  • उन पर अपनी संपत्ति की सही जानकारी न देने और बेहिसाब संपत्ति जुटाने के आरोप हैं।
  • उन पर राष्ट्रपति Ferdinand Marcos Jr. और अन्य बड़े नेताओं को जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगे हैं।
  • कोर्ट ने उनके बैंक रिकॉर्ड और टैक्स दस्तावेजों की जांच के लिए BIR और AMLC जैसे संस्थानों को समन जारी किया है।

सीनेट में इस ट्रायल की अध्यक्षता Senator Francis Escudero कर रहे हैं। अभियोजन पक्ष अब उनके बैंक खातों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रहा है। उम्मीद है कि यह कानूनी लड़ाई साल के अंत तक चलेगी और इसका नतीजा फिलीपींस की राजनीति की दिशा तय करेगा।