Patna में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर बवाल, दिशा छात्र संगठन ने लगाए गंभीर आरोप

Bihar/Patna: पटना कॉलेज के भाषा भवन में दिशा छात्र संगठन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इस दौरान संगठन ने 22 और 25 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शनों में पटना पुलिस के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने

Bihar/Patna: पटना कॉलेज के भाषा भवन में दिशा छात्र संगठन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इस दौरान संगठन ने 22 और 25 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शनों में पटना पुलिस के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान उनके साथ बदसलूकी की और कई मासूम छात्रों को जेल भेज दिया।

यह पूरा मामला NEET पेपर लीक और प्रस्तावित Higher Education Bill 2026 के विरोध से जुड़ा है। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। दिशा छात्र संगठन का कहना है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया, छात्राओं के साथ गलत व्यवहार किया और नाबालिग बच्चों को भी हिरासत में लिया। संगठन ने आरोप लगाया कि कई छात्रों की गिरफ्तारी बिना किसी आधार के हुई और उनके खिलाफ झूठी FIR दर्ज की गई।

दूसरी तरफ पटना पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है। पटना SSP कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि गिरफ्तारियां CCTV फुटेज और वीडियो सबूतों के आधार पर की गईं। पुलिस के मुताबिक 25 जुलाई की हिंसा में गिरफ्तार 86 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जबकि महिलाओं और नाबालिगों समेत 60 लोगों को पर्सनल बॉन्ड पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि प्रदर्शन के दौरान 167 पुलिसकर्मियों समेत कुल 174 सरकारी कर्मचारी घायल हुए थे।

इस पूरे विवाद के बीच बिहार सरकार ने 27 जुलाई को एक स्पष्टीकरण जारी किया था। सरकार ने कहा कि 26 जुलाई की शाम 6 बजे से पहले गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस ले लिया जाएगा। आंकड़ों के मुताबिक पूरे बिहार में 694 लोग हिरासत में लिए गए थे, जिनमें से 339 नाबालिगों और छात्रों को वेरिफिकेशन के बाद रिहा कर दिया गया था।