Patna में गिरफ्तार छात्रों की रिहाई के लिए फिर सड़कों पर उतरे छात्र, Tejashwi Yadav ने सरकार को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
Bihar/Patna: पटना में गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने की मांग को लेकर एक बार फिर प्रदर्शन शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे और सरकार से अपने साथियों को जल्द छोड़ने की अपील की। इस दौरान कई छात्र प्रशासन क
Bihar/Patna: पटना में गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने की मांग को लेकर एक बार फिर प्रदर्शन शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे और सरकार से अपने साथियों को जल्द छोड़ने की अपील की। इस दौरान कई छात्र प्रशासन के खिलाफ काफी नाराज दिखे और नारेबाजी की।
यह पूरा मामला NEET पेपर लीक के बाद शुरू हुए बवाल और 25 जुलाई को हुए बिहार बंद से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के मामले में राज्यभर से करीब 450 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें बड़ी संख्या वयस्क छात्रों की है। पटना के अलावा सीवान में 25 और छपरा में 56 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। दिशा स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ने आज दोपहर 12 बजे पटना कॉलेज में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था, क्योंकि उनके साथी आशीष समेत 258 अन्य छात्र अभी भी हिरासत में हैं।
इस मुद्दे पर अब राजनीति भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने बिहार सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने पूर्व मंत्री Tej Pratap Yadav और अन्य सभी गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। बता दें कि Tej Pratap Yadav को बिहार बंद हिंसा के मामले में हत्या के प्रयास और दंगा भड़काने जैसे आरोपों में बेउर जेल भेजा गया था, जो आज जमानत याचिका दायर कर सकते हैं।
दूसरी तरफ, कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने भी इस घटना की निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ AK-47 और पैलेट गन जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से माफी की मांग की है। वहीं, सीवान में एक पुलिस अधिकारी पर छात्रों पर AK-47 से फायरिंग करने का आरोप लगा था, जिस पर बिहार पुलिस ने संज्ञान लेते हुए उस अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है।
सरकार का कहना है कि प्रदर्शनों में कुछ असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ की थी, इसलिए सख्त कार्रवाई की गई। संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने साफ किया कि हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार है और इसे लाठीचार्ज से नहीं दबाना चाहिए।