Patna में छात्रों के उग्र प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, 500 अज्ञात पर FIR और 40 हिरासत में
Bihar/Patna: पटना में बुधवार को छात्रों द्वारा किए गए उग्र विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और 40 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिय
Bihar/Patna: पटना में बुधवार को छात्रों द्वारा किए गए उग्र विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और 40 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई में पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष सुशांत शेखर भी शामिल हैं।
यह पूरा मामला बुधवार, 22 जुलाई 2026 को हुआ जब नीट पेपर लीक, शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार और बीपीएससी AEDO पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर छात्र सड़कों पर उतरे थे। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स हटा दिए और विधानसभा परिसर के करीब पहुँच गए, जिसके बाद सुरक्षा के लिए परिसर को सील करना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें 20 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि कोतवाली, गांधी मैदान और सचिवालय थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए प्रदर्शनकारियों की पहचान कर रही है। पुलिस की टीमें गांधी मैदान, कदमकुआं, बहादुरपुर, बोरिंग रोड और बुद्धा कॉलोनी जैसे इलाकों में छापेमारी कर रही हैं।
प्रदर्शन के दौरान हिंसा भी हुई, जिसमें भाजपा विधायक रोहित पांडे की गाड़ी पर हमला किया गया और उनके साथ हाथापाई हुई। साथ ही विधायक विनय बिहारी और पार्टी नेता अजय सिंह की गाड़ियों को भी नुकसान पहुँचाया गया। पुलिस की साइबर सेल अब इस बात की जांच कर रही है कि इस प्रदर्शन के पीछे क्या कोई बड़ी साजिश थी और इसमें यूट्यूबर्स या सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स की क्या भूमिका रही।
बिहार सरकार ने राज्य के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है क्योंकि अन्य जिलों में भी ऐसे प्रदर्शन होने की आशंका है। दूसरी तरफ, AISA ने गुरुवार, 23 जुलाई 2026 से गांधी मैदान में अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की है।