Patna में छात्रों का भारी प्रदर्शन, 40 से ज्यादा गिरफ्तार और राज्यभर में हाई अलर्ट
Bihar/Patna : पटना के दानापुर और खगौल इलाके में छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर शुरू हुआ, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को
Bihar/Patna : पटना के दानापुर और खगौल इलाके में छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर शुरू हुआ, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी और कई जगहों पर टकराव की स्थिति बनी रही।
22 जुलाई को पटना में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प हुई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। सुरक्षा के लिए BSF, SSB और CRPF की टुकड़ियों को तैनात करना पड़ा। पुलिस का कहना है कि यह प्रदर्शन पहले से तय था और इसे व्हाट्सएप ग्रुप और कंटेंट क्रिएटर्स के जरिए लोगों को इकट्ठा करके किया गया।
इस बवाल के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। 23 जुलाई की सुबह पटना यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (PUSU) के अध्यक्ष सुशांत शेखर समेत 40 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। पटना पुलिस ने अलग-अलग थानों में 21 केस दर्ज किए हैं और करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो के जरिए प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है, जिसके तहत 117 लोगों की तस्वीरें भी जारी की गई हैं।
बिहार सरकार ने इस घटना के बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सभी जिला एसपी को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है ताकि अन्य जिलों में भी ऐसे प्रदर्शन न हों। वहीं, मुंगेर में भी छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला, जहां कुछ सरकारी पोस्टर फाड़े गए और पुलिस अधिकारी पर पानी की बोतल फेंकी गई।
इस पूरे मामले पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने छात्रों पर लाठीचार्ज की आलोचना की है, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। प्रशांत किशोर का कहना है कि रोजगार के मुद्दों पर दबा हुआ गुस्सा अब और बढ़ेगा।
दूसरी तरफ, बिहार विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा हुई और सरकार ने जमीन माफियाओं और पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ क्राइम कंट्रोल एक्ट (CCA) लगाने वाला बिल भी पास किया है। दानापुर-खगौल क्षेत्र में कुछ छात्र बंटी यादव हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे रहे।