Bihar : पटना के पुनपुन इलाके में अब देश की बड़ी फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी और सेंट्रल फॉरेंसिक लैब बनेगी। सम्राट कैबिनेट ने इसके लिए जमीन खरीदने की मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट से बिहार के छात्रों को अब फॉरेंसिक साइंस की पढ़ा
Bihar : पटना के पुनपुन इलाके में अब देश की बड़ी फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी और सेंट्रल फॉरेंसिक लैब बनेगी। सम्राट कैबिनेट ने इसके लिए जमीन खरीदने की मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट से बिहार के छात्रों को अब फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा और पुलिस जांच की क्षमता भी बढ़ेगी।
यूनिवर्सिटी और लैब के लिए कितनी जमीन और बजट तय हुआ?
सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए पुनपुन में 50 एकड़ जमीन खरीदने का फैसला किया है। इस जमीन की खरीद के लिए 287.17 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। यहाँ National Forensic Science University (NFSU) के साथ-साथ Central Forensic Lab (CFSL) भी स्थापित की जाएगी। यह देश की नौवीं सेंट्रल फॉरेंसिक लैब होगी।
कब से शुरू होगी पढ़ाई और कौन से कोर्स होंगे?
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के अनुसार, इस यूनिवर्सिटी में जुलाई 2026 से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने की उम्मीद है। जब तक पक्की बिल्डिंग तैयार नहीं हो जाती, तब तक पढ़ाई एक अस्थायी कैंपस से चलेगी। यहाँ छात्रों के लिए कई प्रोफेशनल कोर्स उपलब्ध होंगे, जिनमें शामिल हैं:
- ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम
- M.Sc. इन फॉरेंसिक साइंस
- M.Tech प्रोग्राम
बिहार के लोगों और छात्रों को क्या फायदा होगा?
इस यूनिवर्सिटी के खुलने से बिहार में फॉरेंसिक शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा। अब तक यहाँ के छात्रों को इस विषय की पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था। साथ ही, सेंट्रल फॉरेंसिक लैब बनने से आपराधिक मामलों की जांच और सबूतों की पड़ताल तेजी से हो सकेगी, जिससे न्याय मिलने की प्रक्रिया बेहतर होगी।