Patna में बवाल के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन, छात्रसंघ अध्यक्ष समेत 45 गिरफ्तार, 21 FIR दर्ज

Bihar/Patna : पटना में पिछले दो दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर के अलग-अलग इलाकों में हुए हंगामे को लेकर पुलिस ने कुल 21 केस दर्ज किए हैं और अब तक 45 लोगों को गिरफ्तार कि

Bihar/Patna : पटना में पिछले दो दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर के अलग-अलग इलाकों में हुए हंगामे को लेकर पुलिस ने कुल 21 केस दर्ज किए हैं और अब तक 45 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार होने वालों में पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ (PUSU) के अध्यक्ष शांतनु शेखर भी शामिल हैं।

यह पूरा मामला 22 और 23 जुलाई, 2026 को हुए प्रदर्शनों से जुड़ा है। छात्र नीट पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और दिल्ली में हुए लाठीचार्ज के विरोध में सड़क पर उतरे थे। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई और हिंसा हुई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

सिटी एसपी मध्य ममता कल्याणी ने बताया कि कोतवाली, गांधी मैदान, शास्त्रीनगर और सचिवालय थानों में कुल 21 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए उपद्रवियों की पहचान कर रही है। जिन लोगों की पहचान हो चुकी है, उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

इस हिंसा में भाजपा विधायक रोहित पांडे, विनय बिहारी और पार्टी नेता अजय सिंह के वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। साथ ही कुछ पत्रकारों और विधायकों को भी निशाना बनाया गया। बिहार सरकार ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है। संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि आंदोलन में कुछ असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ की थी, जो छात्र नहीं थे और उन्होंने केवल हिंसा फैलाई।

इस बवाल की वजह से पटना के कारोबारियों को बड़ा झटका लगा है। रिपोर्ट के अनुसार, दो दिनों के हंगामे के कारण शहर में लगभग 15 करोड़ रुपये का व्यावसायिक नुकसान हुआ है। सरकार ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बिहार विधानसभा ने बिहार अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक-2026 भी पारित किया है, जिसमें सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल और पेपर लीक जैसे अपराधों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।