Patna Metro का काम तेज, चिड़ियाघर और इनकम टैक्स गोलंबर तक सुरंग का काम शुरू, 2027 तक चलेगी ट्रेन

Bihar/Patna : पटना के लोगों के लिए मेट्रो का इंतजार अब खत्म होने वाला है। शहर में मेट्रो के काम में काफी तेजी आई है, खासकर चिड़ियाघर, विकास भवन और इनकम टैक्स गोलंबर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्टेशनों और सुरंगों का का

Bihar/Patna : पटना के लोगों के लिए मेट्रो का इंतजार अब खत्म होने वाला है। शहर में मेट्रो के काम में काफी तेजी आई है, खासकर चिड़ियाघर, विकास भवन और इनकम टैक्स गोलंबर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्टेशनों और सुरंगों का काम जोर-शोर से चल रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अगर काम इसी रफ्तार से चला, तो 2027 तक दोनों प्रमुख कॉरिडोर पर मेट्रो सेवा शुरू हो जाएगी।

मेट्रो के निर्माण को लेकर कई महत्वपूर्ण पड़ाव पूरे हो चुके हैं। मोइन-उल-हक स्टेडियम से गांधी मैदान तक की भूमिगत सुरंग का काम पूरा हो गया है, जबकि गांधी मैदान से आकाशवाणी तक का काम लगभग 90% तक खत्म हो चुका है। राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन पर सातवीं टनल बोरिंग मशीन (TBM) ने मोइन-उल-हक स्टेडियम के बीच 681 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण पूरा कर लिया है। एक और मशीन राजेंद्र नगर की ओर बढ़ रही है, जिसके जून 2026 तक काम पूरा करने की उम्मीद है।

शहर के व्यस्त इलाकों में मेट्रो के काम से ट्रैफिक पर असर न पड़े, इसके लिए बेली रोड पर ट्रैफिक डायवर्जन की तैयारी की जा रही है। 13 जून 2026 को ट्रैफिक पुलिस और मेट्रो अधिकारियों के बीच रूट डायवर्जन को लेकर चर्चा हुई थी, हालांकि अभी अंतिम योजना पर मंजूरी मिलना बाकी है। नेहरू पथ इलाके में स्टेशनों की खुदाई जून 2026 में शुरू होने की संभावना है और नवंबर 2026 में चिड़ियाघर के पास सुरंग बनाने के लिए मशीन लॉन्च की जाएगी।

प्रमुख पड़ाव/स्टेशन वर्तमान स्थिति/लक्ष्य
मोइन-उल-हक स्टेडियम से गांधी मैदान सुरंग निर्माण पूरा
गांधी मैदान से आकाशवाणी 90% काम पूरा
खेमनीचक मेट्रो स्टेशन अक्टूबर 2026 तक तैयार
प्राथमिक कॉरिडोर (बस टर्मिनल से पटना जंक्शन) 2026 के अंत तक परिचालन का लक्ष्य
कॉरिडोर II (भूमिगत खंड) 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद
पूर्ण मेट्रो सेवा (दोनों कॉरिडोर) 2027 तक उम्मीद

इस पूरी परियोजना का प्रबंधन Patna Metro Rail Corporation (PMRC) कर रहा है और DMRC सलाहकार की भूमिका में है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रोजेक्ट की फंडिंग Japan International Cooperation Agency (JICA) कर रहा है और निर्माण का जिम्मा L&T और HCC जैसी बड़ी कंपनियों के पास है।