Patna: बिहार की राजधानी पटना में रसोई गैस की भारी किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के आदेश पर 28 धावादलों ने शहर के 57 अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी
Patna: बिहार की राजधानी पटना में रसोई गैस की भारी किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के आदेश पर 28 धावादलों ने शहर के 57 अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी है। इस कार्रवाई में अब तक कुल 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और भारी मात्रा में घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गैस की जमाखोरी करने वालों और व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
पटना में गैस की सप्लाई को लेकर क्या है ताजा स्थिति?
जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक पटना में गैस सिलेंडरों का बैकलॉग 1.63 लाख के पार पहुंच गया है। सप्लाई चेन में गड़बड़ी की वजह से लोगों को बुकिंग के 10 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस बैकलॉग को जल्द खत्म करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में हजारों बुकिंग के मुकाबले सप्लाई काफी कम रही है, जिससे संकट गहराया है। सरकार ने अब PNG यानी पाइप वाली गैस के कनेक्शन को भी बढ़ावा देने को कहा है ताकि सिलेंडरों पर निर्भरता कम हो सके।
उपभोक्ताओं के लिए नए नियम और जरूरी हेल्पलाइन नंबर
- शहरी उपभोक्ता अब 25 दिन के अंतराल पर ही गैस सिलेंडर बुक कर पाएंगे।
- ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए यह समय सीमा 45 दिन तय की गई है।
- गैस की किल्लत या कालाबाजारी से जुड़ी शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 0612-2219810 जारी किया गया है।
- होटल और रेस्टोरेंट में घरेलू सिलेंडर के अवैध इस्तेमाल पर प्रशासन की पैनी नजर है।
- केंद्र सरकार ने बिहार के लिए एलपीजी कोटे में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और लोग केवल जरूरत के हिसाब से ही बुकिंग करें। पैनिक बुकिंग की वजह से सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ रहा है। तेल कंपनियों को आदेश दिया गया है कि वे होम डिलीवरी की व्यवस्था को दुरुस्त करें ताकि लोगों को एजेंसियों के चक्कर न काटने पड़ें।