Bihar: पटना हाई कोर्ट ने राज्य में बिना रजिस्ट्रेशन और बिना मानकों के चल रहे अस्पतालों और नर्सिंग होम पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि 1 से 40 बेड वाले छोटे अस्पतालों के लिए जल्द से जल्द ठोस
Bihar: पटना हाई कोर्ट ने राज्य में बिना रजिस्ट्रेशन और बिना मानकों के चल रहे अस्पतालों और नर्सिंग होम पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि 1 से 40 बेड वाले छोटे अस्पतालों के लिए जल्द से जल्द ठोस नियम लागू किए जाएं। न्यायमूर्ति राजीव राय की पीठ ने साफ कहा कि हर जीवन कीमती है और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अवैध अस्पतालों पर कोर्ट की सख्ती और ताजा कार्रवाई
यह आदेश वैशाली जिले में बिना लाइसेंस के चल रहे एक ‘लकवा पोलियो सेंटर’ को सील करने के मामले की सुनवाई के दौरान आया। कोर्ट ने पाया कि ऐसे संस्थान बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव होता है। वैशाली के इस क्लीनिक पर बिना रजिस्ट्रेशन और योग्य डॉक्टरों के बिना काम करने के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने भोजपुर के एक मामले का भी जिक्र किया जहां एक गर्भवती महिला की मौत के बाद जांच में 81 नर्सिंग होम अवैध पाए गए थे।
छोटे अस्पतालों के लिए क्या हैं नए दिशा-निर्देश
सरकार के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि छोटे अस्पतालों को विनियमित करने की नीति अब अपने आखिरी चरण में है। इस नीति का मसौदा विधि विभाग ने मंजूर कर लिया है और अब यह वित्त विभाग के पास विचाराधीन है। इससे पहले फरवरी 2025 में 1 से 40 बेड वाले संस्थानों को पंजीकरण से छूट दी गई थी, लेकिन अब कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इन्हें भी नियमों के दायरे में लाने की तैयारी है। 40 बेड से ज्यादा वाले अस्पतालों के लिए पंजीकरण पहले से ही अनिवार्य है।
प्रशासन की लापरवाही और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट
न्यायमूर्ति राजीव राय ने जिला प्रशासन की इस बात के लिए आलोचना की कि वे अवैध नर्सिंग होम में होने वाली मौतों का सही डेटा नहीं रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु दर एक नियमित समस्या बन गई है। पटना के सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र मंडल के अनुसार, शहर में 40 बेड से अधिक वाले 45 अस्पताल बिना लाइसेंस के मिले थे, जिनके खिलाफ अभियान चलाने के बाद अब लाइसेंस के आवेदनों में बढ़ोतरी हुई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पटना हाई कोर्ट ने छोटे अस्पतालों के लिए क्या आदेश दिया है?
कोर्ट ने राज्य सरकार को 1 से 40 बेड वाले छोटे अस्पतालों और क्लीनिकों के लिए जल्द से जल्द ठोस नियामक दिशा-निर्देश (Regulatory Guidelines) लागू करने का निर्देश दिया है।
वैशाली के अवैध क्लीनिक पर क्या कार्रवाई हुई है?
वैशाली में बिना लाइसेंस के चल रहे एक ‘लकवा पोलियो सेंटर’ को सील कर दिया गया है और पंजीकरण व योग्य डॉक्टरों की कमी के कारण उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।