Bihar: पटना हाई कोर्ट ने सड़कों पर चलने वाले बिना फिटनेस और बिना रजिस्ट्रेशन वाले व्यावसायिक वाहनों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि ऐसे वाहनों का चलना पूरी तरह गैरकानूनी है। मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार
Bihar: पटना हाई कोर्ट ने सड़कों पर चलने वाले बिना फिटनेस और बिना रजिस्ट्रेशन वाले व्यावसायिक वाहनों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि ऐसे वाहनों का चलना पूरी तरह गैरकानूनी है। मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू और न्यायाधीश हरीश कुमार की खंडपीठ ने 29 अप्रैल, 2026 को यह आदेश दिया। अब शहर की सड़कों पर पुराने और बिना कागजात वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
किन इलाकों में लागू होगा यह आदेश और क्या हैं नियम
यह आदेश मुख्य रूप से पटना नगर निगम, दानापुर, खगौल और फुलवारीशरीफ नगर परिषद क्षेत्रों में लागू होगा। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि 15 साल से अधिक पुराने व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर तुरंत रोक लगाई जाए। इसके लिए मोटर वाहन नियम 2021 का हवाला दिया गया है, जिसमें पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के नियम तय हैं। मामले की अगली सुनवाई 24 जून को होगी।
कैसे होगी बिना फिटनेस वाले वाहनों की पहचान
परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह फिटनेस और रजिस्ट्रेशन की वैधता की सख्ती से जांच करे। अब शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर लगे CCTV कैमरों की मदद से ऐसे वाहनों को पकड़ा जाएगा जिनके पास वैध फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं है। पकड़े जाने पर वाहन मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वाहन मालिकों को मिली फीस में राहत और नई सुविधा
एक तरफ जहां नियम सख्त हुए हैं, वहीं केंद्र सरकार ने फिटनेस प्रमाणपत्र शुल्क में राहत दी है। 23 अप्रैल, 2026 से यह शुल्क 5,000 रुपये से घटाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है। साथ ही, बिहार के 27 जिलों में नए स्वचालित परीक्षण स्टेशन (ATS) खोले जा रहे हैं ताकि मशीनों के जरिए वाहनों की फिटनेस जांच तेजी से हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कितने साल पुराने व्यावसायिक वाहनों पर रोक लगाई गई है
पटना हाई कोर्ट ने 15 वर्ष से अधिक पुराने व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश दिया है।
फिटनेस प्रमाणपत्र शुल्क में कितनी कमी हुई है
केंद्र सरकार ने व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र शुल्क को 5,000 रुपये से घटाकर 2,500 रुपये कर दिया है, जो 23 अप्रैल, 2026 से लागू है।