Bihar: पटना हाईकोर्ट परिसर में शनिवार को आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने एक हाई-लेवल मॉक ड्रिल की। इस अभ्यास का मकसद राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना और किसी भी आतंकी हमले से निपटने की तैयारी को परखना था। इस दौरान सुर
Bihar: पटना हाईकोर्ट परिसर में शनिवार को आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने एक हाई-लेवल मॉक ड्रिल की। इस अभ्यास का मकसद राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना और किसी भी आतंकी हमले से निपटने की तैयारी को परखना था। इस दौरान सुरक्षा बलों ने दिखाया कि आपातकालीन स्थिति में वे कितनी तेजी से एक्शन ले सकते हैं।
मॉक ड्रिल में क्या हुआ और क्या था पूरा सीन
इस ड्रिल के लिए एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई थी जिसमें 5-6 हथियारबंद आतंकियों ने फतुहा के पास भारतीय वैज्ञानिकों से भरी एक बस को हाईजैक कर लिया था। इसके बाद आतंकियों ने कोर्ट परिसर में हैंड ग्रेनेड फेंककर दहशत फैलाने की कोशिश की। ATS के जवानों ने तुरंत एक्शन लेते हुए कमांडो ऑपरेशन चलाया और सभी आतंकियों को ढेर कर दिया। इस दौरान स्निफर डॉग्स का इस्तेमाल संदिग्ध वस्तुओं को खोजने और आतंकियों पर हमला करने के लिए किया गया।
सुरक्षा इंतजामों पर क्या बोले मुख्य न्यायाधीश
पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने इस अभ्यास की अहमियत बताई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी दिखाने और जनता का भरोसा बढ़ाने के लिए ऐसी मॉक ड्रिल बहुत जरूरी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों के बीच सुरक्षा की भावना पैदा करना एक संवैधानिक जिम्मेदारी है। मुख्य न्यायाधीश ने सुरक्षा ढांचे और प्रोटोकॉल को और अधिक मजबूत करने की जरूरत बताई ताकि किसी भी खतरे का तुरंत जवाब दिया जा सके।
किन अधिकारियों और टीमों ने लिया हिस्सा
इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी ADG (ATS) पंकज कुमार दराद, SP (ATS) और SSP पटना ने की। कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश के साथ कई अन्य जज, रजिस्ट्री के सदस्य और एडवोकेट जनरल पी के शाही भी मौजूद रहे। सुरक्षा बलों के अलावा इसमें फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने भी अपनी भूमिका निभाई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत ATS को दें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पटना हाईकोर्ट में मॉक ड्रिल क्यों की गई?
हाल के दिनों में बिहार की विभिन्न अदालतों और पटना हाईकोर्ट को मिले बम धमाकों की धमकियों के बाद सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए यह ड्रिल की गई।
मॉक ड्रिल के दौरान किस तरह के खतरे दिखाए गए?
ड्रिल में वैज्ञानिकों की बस हाईजैक करने और कोर्ट परिसर में ग्रेनेड फेंकने जैसे हाई-रिस्क सीन बनाए गए थे, जिन्हें ATS ने सफलतापूर्वक हैंडल किया।