Patna में डेंगू का खतरा बढ़ा, अब कीटनाशक स्प्रे को चकमा दे रहे हैं मच्छर; PMCH में लगेगी जापानी वैक्सीन
Patna: राजधानी पटना में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच एक चिंताजनक खबर आई है। रिसर्च में यह बात सामने आई है कि अब डेंगू फैलाने वाले मच्छर उन दवाओं और स्प्रे के असर से बचने लगे हैं जिनका इस्तेमाल उन्हें मारने के लिए किया जा
Patna: राजधानी पटना में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच एक चिंताजनक खबर आई है। रिसर्च में यह बात सामने आई है कि अब डेंगू फैलाने वाले मच्छर उन दवाओं और स्प्रे के असर से बचने लगे हैं जिनका इस्तेमाल उन्हें मारने के लिए किया जाता है। अगर समय रहते रणनीति नहीं बदली गई, तो भविष्य में इन मच्छरों पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता रोहित लखवानी और सरिता कुमार की स्टडी के मुताबिक, Aedes aegypti मच्छर अब अल्फा-साइपरमेथ्रिन (alpha-cypermethrin) नाम के कीटनाशक के प्रति रेजिस्टेंस विकसित कर रहे हैं। मच्छरों के शरीर में बीटा-एस्टरेज़ नाम का एक एंजाइम बढ़ गया है, जो कीटनाशक के असर को खत्म कर देता है। जनवरी 2026 की एक रिपोर्ट में भी चेतावनी दी गई थी कि भारत में मच्छरों की यह बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता पारंपरिक कंट्रोल तरीकों को नाकाम कर रही है।
पटना की स्थिति की बात करें तो अगस्त 2026 के पहले सात दिनों में ही 19 नए केस मिले हैं, जिससे जनवरी से अब तक कुल संक्रमितों की संख्या 89 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों और नगर निगम को अलर्ट रहने और जलजमाव रोकने के निर्देश दिए हैं। सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा कि 15 अगस्त के बाद मामलों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
बचाव के लिए पटना स्वास्थ्य विभाग ने कई कदम उठाए हैं। पहली बार PMCH में 4 से 60 साल के लोगों के लिए जापानी वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी। शहर के 18 इलाकों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है, जहाँ रोजाना फॉगिंग और एंटी-लार्वा स्प्रे किया जा रहा है। पटना नगर निगम (PMC) ने मच्छरों को रोकने के लिए 375 एंटी-लार्वा यूनिट और 58 फॉगिंग मशीनें तैनात की हैं। साथ ही, गंदे पानी में मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए जले हुए मोबाइल ऑयल में डूबे लकड़ी के लट्ठों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र प्रसाद ने लोगों को सलाह दी है कि वे मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे हफ्ते में कम से कम 10 मिनट निकालकर अपने घर के आसपास जमा पानी की जांच करें और उसे साफ करें।