Patna के डाक बंगला चौराहे पर पत्थरबाजी, NEET पेपर लीक के विरोध में बिहार बंद का असर
Bihar/Patna: पटना के डाक बंगला चौराहे पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल बिगड़ गया और पत्थरबाजी शुरू हो गई। यह घटना 25 जुलाई 2026 को ‘बिहार बंद’ के दौरान हुई, जिसे AISA और RYA जैसे छात्र संगठनों ने N
Bihar/Patna: पटना के डाक बंगला चौराहे पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल बिगड़ गया और पत्थरबाजी शुरू हो गई। यह घटना 25 जुलाई 2026 को ‘बिहार बंद’ के दौरान हुई, जिसे AISA और RYA जैसे छात्र संगठनों ने NEET पेपर लीक में गड़बड़ी के विरोध में बुलाया था। प्रदर्शनकारी शिक्षा सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इस बंद के कारण पटना के प्राइवेट स्कूल बंद रहे और शहर के कई हिस्सों में भारी तनाव देखा गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पटना सदर SDM कृतिका शर्मा ने भीड़ पर लाठीचार्ज का आदेश दिया। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की है और कई इलाकों में फ्लैग मार्च भी निकाला गया।
प्रशासन ने इस बवाल को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए शांति भंग करने की कोशिश करने वाले 90 लोगों की पहचान की गई है और उन पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं, हिंसा भड़काने के आरोप में CPI(ML) विधायक संदीप सौरभ को 25 जुलाई को गिरफ्तार किया गया।
बिहार पुलिस मुख्यालय ने कानून व्यवस्था को देखते हुए 24 जुलाई से राज्य के सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। DGP (ऑपरेशन्स) कुंदन कृष्णन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे छात्रों के साथ सहानुभूति से पेश आएं और आक्रामक रवैया न अपनाएं।
यह विरोध सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जहानाबाद, दरभंगा, कटिहार, बेगूसराय, सीवान, समस्तीपुर, गया, सहरसा और आरा जैसे जिलों में भी देखा गया। जहानाबाद में प्रदर्शनकारियों द्वारा डीएम आवास पर पत्थरबाजी के बाद पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। पुलिस अब सोशल मीडिया फोटो के जरिए उन उपद्रवियों की पहचान कर रही है जिन्होंने पुलिस और मीडिया कर्मियों पर हमला किया था। अब तक अलग-अलग जिलों से 146 लोगों को हिरासत में लिया गया है और पटना में करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ तोड़फोड़ की FIR दर्ज की गई है।