Patna में क्रिप्टो इन्वेस्टर के साथ बड़ा डिजिटल खेल, 3 लाख के निवेश से बने 50 लाख और फिर वॉलेट खाली
Bihar/Patna: राजधानी पटना के बहादुरपुर इलाके के एक व्यक्ति के साथ बड़ा साइबर फ्रॉड हुआ है। यहाँ राकेश कुमार नाम के शख्स का क्रिप्टो वॉलेट रातों-रात खाली हो गया। उन्होंने साल 2017 में महज 3 लाख रुपये निवेश किए थे, जो समय
Bihar/Patna: राजधानी पटना के बहादुरपुर इलाके के एक व्यक्ति के साथ बड़ा साइबर फ्रॉड हुआ है। यहाँ राकेश कुमार नाम के शख्स का क्रिप्टो वॉलेट रातों-रात खाली हो गया। उन्होंने साल 2017 में महज 3 लाख रुपये निवेश किए थे, जो समय के साथ बढ़कर करीब 50 लाख रुपये हो गए थे, लेकिन अब वह पूरी रकम गायब है।
राकेश कुमार ने इस मामले की शिकायत पटना साइबर पुलिस स्टेशन और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराई है। पुलिस को बैंक पेमेंट के सबूत, इन्वेस्टमेंट से जुड़े कागजात और ब्लॉकचेन ट्रांसफर के डिजिटल सबूत सौंपे गए हैं। पटना साइबर पुलिस अब ब्लॉकचेन ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसा कहाँ ट्रांसफर हुआ है।
बिहार में इस तरह के साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। राज्य की साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (CCSU) ने 2026 के पहले चार महीनों में बड़ी कार्रवाई की है।
| विवरण | आंकड़े/जानकारी |
|---|---|
| गिरफ्तार साइबर अपराधी | 602 लोग |
| कुल जांचित मामले | लगभग 199.09 करोड़ रुपये |
| कुल शिकायतें (जनवरी-अप्रैल 2026) | 59,579 |
| राष्ट्रीय रैंकिंग (साइबर फ्रॉड) | चौथा स्थान |
अधिकारियों ने बताया कि जुलाई 2026 में एक अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का भी भंडाफोड़ किया गया था, जो अवैध पैसों को क्रिप्टो में बदलकर चीन भेज रहा था। सरकार अब अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एडिशनल फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन (AFA) लागू करने पर काम कर रही है, जो पहले सिर्फ घरेलू डिजिटल लेनदेन के लिए जरूरी था।