Bihar : पटना शहर और दानापुर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में आने-जाने वालों के लिए अच्छी खबर है। परिवहन विभाग ने शहर की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 16 नए रूट चुने हैं, जिन पर 50 से अधिक सिटी बसें चलेंगी। इस कदम से आम जनता क
Bihar : पटना शहर और दानापुर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में आने-जाने वालों के लिए अच्छी खबर है। परिवहन विभाग ने शहर की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 16 नए रूट चुने हैं, जिन पर 50 से अधिक सिटी बसें चलेंगी। इस कदम से आम जनता को अब शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक जाने में आसानी होगी और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी।
पटना के कौन-कौन से नए रूट तय हुए हैं?
परिवहन विभाग ने शहर के प्रमुख इलाकों को जोड़ने के लिए विस्तृत योजना बनाई है। नए रूटों में IGIMS से गांधी मैदान, IGIMS से बस टर्मिनल, और दानापुर स्टेशन से पटना साहिब जैसे महत्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा गांधी मैदान से EMS और बस टर्मिनल से अकबरपुर के बीच भी बसें चलेंगी। ये बसें सचिवालय, बिहार संग्रहालय, कंकड़बाग और राजेंद्रनगर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर गुजरेंगी ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।
| रूट (कहाँ से कहाँ तक) |
प्रमुख रास्ते (Via) |
| IGIMS से गांधी मैदान |
शेखपुरा, सचिवालय, बिहार संग्रहालय, GPO |
| IGIMS से बस टर्मिनल |
सचिवालय, संग्रहालय, आयकर, राजेंद्रनगर टर्मिनल |
| बस टर्मिनल से अकबरपुर |
अनीसाबाद, फुलवारी, EMS, बैरिया बस टर्मिनल |
| दानापुर स्टेशन से पटना साहिब |
खगोल, फुलवारी, अनीसाबाद, बाईपास |
| गांधी मैदान से EMS |
पटना जंक्शन, आरा ब्लॉक, चितकोहरा |
| दानापुर स्टेशन से बस टर्मिनल |
सगुना मोड़, पाटलिपुत्र, जगदेवपथ, झंझन |
इलेक्ट्रिक बसें और पिंक बस सेवा की क्या तैयारी है?
सरकार परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए जून 2026 तक बिहार के छह जिलों में 200 इलेक्ट्रिक बसें चलाने जा रही है। इनमें से 150 बसें अकेले पटना को मिलेंगी, जिनमें से 75 शहर के भीतर और 75 इंटरसिटी रूट पर चलेंगी। महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए 50 नई ‘पिंक बसें’ भी शुरू की जाएंगी, जिन्हें महिला ड्राइवर ही चलाएंगी। इसके लिए महिलाओं को विशेष ड्राइविंग ट्रेनिंग दी जा रही है।
यात्रियों के लिए कौन सी नई सुविधाएं मिलेंगी?
अब यात्रियों को बस का इंतजार नहीं करना होगा क्योंकि एक नया सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। इसके जरिए लोग मोबाइल पर बस की लाइव लोकेशन और उसके आने का समय देख सकेंगे। बसों में ई-टिकटिंग की सुविधा होगी और ‘चलो ऐप’ के जरिए बसों को ट्रैक किया जा सकेगा। साथ ही, सचिवालय कर्मचारियों के लिए विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा भी शुरू हो गई है, जिसका उपयोग आम जनता भी कर सकेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पटना में कितनी इलेक्ट्रिक बसें चलने वाली हैं?
पटना के लिए कुल 150 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं। इनमें से 75 बसें शहर के अंदर सिटी बस के तौर पर और 75 बसें इंटरसिटी मार्गों पर संचालित होंगी।
पिंक बस सेवा क्या है और इसे कौन चलाएगा?
पिंक बसें विशेष रूप से महिलाओं के लिए शुरू की जा रही हैं। इन बसों का संचालन महिला चालकों द्वारा किया जाएगा, जिन्हें LMV और HMV लाइसेंस के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।