Maharashtra: पनवेल में रहने वाले 400 से ज्यादा बेघर लोगों के लिए मुश्किल समय शुरू हो गया है। यहां के एक शेल्टर होम ‘Social and Evangelical Association for Love’ (SEAL) को बिजली के भारी-भरकम बिल मिले हैं, जिसस
Maharashtra: पनवेल में रहने वाले 400 से ज्यादा बेघर लोगों के लिए मुश्किल समय शुरू हो गया है। यहां के एक शेल्टर होम ‘Social and Evangelical Association for Love’ (SEAL) को बिजली के भारी-भरकम बिल मिले हैं, जिससे वहां गहरा संकट पैदा हो गया है। संस्था ने इस समस्या के समाधान के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
बिजली बिल में कितनी हुई बढ़ोतरी?
SEAL संस्था के मुताबिक, उनका महीने का बिजली बिल आमतौर पर 60,000 रुपये के आसपास आता था। लेकिन अप्रैल 2026 से यह बढ़कर 1.9 लाख रुपये से ज्यादा हो गया। इसके अलावा, बिना किसी साफ वजह के 2 लाख रुपये और जोड़ दिए गए, जिससे कुल बिल 3.8 लाख रुपये तक पहुंच गया। संस्था का कहना है कि इतना ज्यादा बिल भरना उनके लिए नामुमकिन है।
CMO ने क्या एक्शन लिया और क्या है इतिहास?
संस्था के फाउंडर पास्टर K M Philip ने मुख्यमंत्री से मदद मांगी थी। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने तुरंत जवाब देते हुए राज्य के ऊर्जा विभाग को इस मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब SEAL को ऐसी समस्या का सामना करना पड़ा। साल 2016 और 2010 में भी उन्हें इसी तरह के बढ़ा-चढ़ाकर भेजे गए बिलों की वजह से परेशानी झेलनी पड़ी थी।
पनवेल में अन्य लोगों की क्या हालत है?
सिर्फ यह शेल्टर होम ही नहीं, बल्कि पनवेल के कई अन्य निवासी भी अप्रैल 2026 के बिजली बिलों से परेशान हैं। लोगों ने बताया कि उनके बिल में 50% से 66% तक की बढ़ोतरी हुई है। नवी मुंबई में प्रति यूनिट चार्ज करीब 17 रुपये के आसपास है, जिससे आम जनता की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, सरकार ने बिजली दरों में धीरे-धीरे 26% तक की कटौती की घोषणा की है, जो अप्रैल 1, 2026 से लागू हुई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
SEAL शेल्टर होम का बिजली बिल कितना बढ़ा है?
संस्था का सामान्य मासिक बिल 60,000 रुपये था, जो अप्रैल 2026 से बढ़कर 1.9 लाख रुपये हो गया और कुल बकाया राशि 3.8 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले में क्या कदम उठाया है?
CMO ने SEAL के पत्र का जवाब दिया है और राज्य के ऊर्जा विभाग को इस बढ़े हुए बिजली बिल की जांच करने का आदेश दिया है।