NEET विवाद के बीच लखनऊ में छात्रों से मिले पंकज चौधरी, बोले- युवाओं के भविष्य से राजनीति नहीं होनी चाहिए

UP/Lucknow: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने लखनऊ में NEET परीक्षा में सफल हुए छात्रों और उनके माता-पिता के साथ एक खास मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दिल्ली में पेपर लीक को लेकर छा

UP/Lucknow: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने लखनऊ में NEET परीक्षा में सफल हुए छात्रों और उनके माता-पिता के साथ एक खास मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दिल्ली में पेपर लीक को लेकर छात्रों का भारी विरोध प्रदर्शन चल रहा है। पंकज चौधरी ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके हितों को लेकर गंभीर है और उनके भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

मुलाकात के दौरान पंकज चौधरी ने साफ कहा कि छात्र किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष के नहीं होते। उनका एकमात्र लक्ष्य अपनी पढ़ाई पूरी करना और देश के विकास में योगदान देना होता है। उन्होंने जोर दिया कि युवाओं के भविष्य को राजनीति का मोहरा नहीं बनाना चाहिए और सकारात्मक तरीके से समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए छात्रों का हित सबसे ऊपर है और इसी दिशा में फैसले लिए जा रहे हैं।

पेपर लीक के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने माना कि यह एक समस्या रही है, लेकिन मोदी सरकार ने इसे रोकने के लिए कड़े कानून बनाए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि प्रशासनिक सख्ती के कारण कई गिरफ्तारियां हुई हैं और पिछले एक महीने में तीन परीक्षाएं पूरी तरह लीक-प्रूफ तरीके से आयोजित की गई हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री ने दोषियों को कड़ी सजा देने और मामलों के जल्द निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है।

दूसरी तरफ, दिल्ली में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही Cockroach Janata Party (CJP) ने मांग की है कि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा मिले। दिल्ली पुलिस और RAF द्वारा 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान किए गए लाठीचार्ज और कथित पेलेट गन के इस्तेमाल की जांच शुरू हो गई है, हालांकि पुलिस ने पेलेट गन चलाने से इनकार किया है। इस पूरे मामले पर अब 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।

इसी बीच, कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ बातचीत के बाद अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी है। सरकार ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर जवाब देने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है। वहीं दिल्ली यूनिवर्सिटी ने भी छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि कुछ लोग अपने निजी फायदे के लिए छात्रों के डर का इस्तेमाल कर रहे हैं।