Palestine में 20 साल बाद होंगे चुनाव, राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने किया तारीख का ऐलान

World : फिलिस्तीन में करीब दो दशकों के बाद पहली बार विधायी चुनाव होने जा रहे हैं। राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इन चुनावों के लिए 28 नवंबर 2026 की तारीख तय की है। यह फैसला अंतरराष्ट्रीय दबाव और राजनीतिक सुधारों की मांग के ब

World : फिलिस्तीन में करीब दो दशकों के बाद पहली बार विधायी चुनाव होने जा रहे हैं। राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इन चुनावों के लिए 28 नवंबर 2026 की तारीख तय की है। यह फैसला अंतरराष्ट्रीय दबाव और राजनीतिक सुधारों की मांग के बीच लिया गया है, ताकि वहां की सत्ता को फिर से कानूनी मान्यता मिल सके।

ये चुनाव वेस्ट बैंक, पूर्वी जेरूसलम और गाजा पट्टी में आयोजित किए जाएंगे। राष्ट्रपति अब्बास ने जून 2026 में चुनाव कानूनों में कुछ बड़े बदलाव भी किए हैं। अब संसद यानी पैलेस्टिनियन लेजिस्लेटिव काउंसिल की सीटों की संख्या 132 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इसके अलावा, चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 28 साल से घटाकर 23 साल कर दी गई है, ताकि युवाओं की भागीदारी बढ़ सके।

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए यह नियम बनाया गया है कि हर तीन उम्मीदवारों की लिस्ट में कम से कम एक महिला का होना जरूरी होगा। साथ ही, चुनावी threshold को घटाकर 1% कर दिया गया है और हर लिस्ट में उम्मीदवारों की न्यूनतम संख्या 16 से बढ़ाकर 20 कर दी गई है। फरवरी 2026 में एक नया अंतरिम संविधान भी तैयार किया गया था, जिसमें नागरिक अधिकारों और राष्ट्रीय पहचान पर जोर दिया गया है।

विधायी चुनावों के बाद 2027 की पहली तिमाही में राष्ट्रपति चुनाव होने की उम्मीद है। महमूद अब्बास का पिछला राष्ट्रपति चुनाव 2005 में हुआ था और उनका कार्यकाल आधिकारिक तौर पर 2009 में ही खत्म हो गया था। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सत्ता में नए लोगों को लाने और जनता का भरोसा जीतने के लिए उठाया गया है।

हालांकि, इन चुनावों के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। गाजा में युद्ध के कारण हुई तबाही और विस्थापन के चलते वहां वोटिंग कराना मुश्किल काम होगा। साथ ही, पूर्वी जेरूसलम में वोटिंग के लिए इजरायल का सहयोग जरूरी है, और जानकारों का मानना है कि इजरायल इसमें रुकावट डाल सकता है। इस पूरी प्रक्रिया पर फ्रांस और सऊदी अरब जैसे देशों की नजर है, जो फिलिस्तीनी अथॉरिटी में सुधार चाहते हैं।