Maharashtra: मुंबई एयरपोर्ट पर एक पाकिस्तानी महिला ने अपने 10 घंटे के लेओवर के अनुभव को शानदार बताया है। इस यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। महिला ने बताया कि इस दौरान सुरक्षा जांच के समय उसके बै
Maharashtra: मुंबई एयरपोर्ट पर एक पाकिस्तानी महिला ने अपने 10 घंटे के लेओवर के अनुभव को शानदार बताया है। इस यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। महिला ने बताया कि इस दौरान सुरक्षा जांच के समय उसके बैग में मौजूद एक पावर बैंक को लेकर अधिकारियों ने उससे पूछताछ की थी।
मुंबई एयरपोर्ट पर क्या हुआ?
महिला ने अपने वीडियो में साझा किया कि मुंबई में उसका अनुभव बहुत अच्छा रहा। हालांकि, सुरक्षा जांच के दौरान अधिकारियों ने उसके बैग में एक संदिग्ध वस्तु देखी। जब पूछताछ हुई, तो पता चला कि वह वस्तु एक पावर बैंक था। सुरक्षा नियमों के कारण इसकी जांच की गई और फिर उसे आगे जाने दिया गया।
पावर बैंक ले जाने के क्या हैं नियम?
DGCA के नियमों के अनुसार, पावर बैंक और लिथियम बैटरी को लेकर सख्त गाइडलाइंस हैं। यात्रियों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- पावर बैंक सिर्फ हैंड बैगेज (साथ ले जाने वाले बैग) में रखे जा सकते हैं, चेक-इन बैगेज में इन्हें रखना मना है।
- फ्लाइट के अंदर फोन चार्ज करने के लिए पावर बैंक का इस्तेमाल प्रतिबंधित है।
- पावर बैंक को ओवरहेड बिन में रखने के बजाय अपनी सीट के पास रखना चाहिए।
- 100 Watt-hours (Wh) तक के पावर बैंक बिना अनुमति ले जा सकते हैं, लेकिन इससे ज्यादा क्षमता के लिए एयरलाइन की मंजूरी जरूरी है।
- शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए बैटरी को प्लास्टिक बैग या प्रोटेक्टिव केस में रखना जरूरी है।
सुरक्षा जांच क्यों जरूरी है?
लिथियम-आयन बैटरी के ओवरहीट होने या उनमें आग लगने का खतरा रहता है, इसलिए DGCA ने नवंबर 2025 और जनवरी 2026 में नियमों को और कड़ा किया है। मुंबई एयरपोर्ट सुरक्षा टीम इन्हीं नियमों के तहत जांच करती है ताकि उड़ान के दौरान यात्रियों की सुरक्षा बनी रहे।