Pakistan और Afghanistan के बीच फिर बढ़ा तनाव, हवाई हमलों में कई लोगों की मौत

World : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंध एक बार फिर बिगड़ गए हैं। कराची में हुए एक हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा के अंदर हवाई हमले किए हैं। दोनों देशों के बीच इस टकराव के बाद सीमा पर अस्थिरता बढ़ने का

World : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंध एक बार फिर बिगड़ गए हैं। कराची में हुए एक हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा के अंदर हवाई हमले किए हैं। दोनों देशों के बीच इस टकराव के बाद सीमा पर अस्थिरता बढ़ने का डर पैदा हो गया है।

मामला 28 जून 2026 को शुरू हुआ जब कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर बंदूकधारियों और विस्फोटकों से हमला हुआ। इस हमले में तीन सैनिकों की जान चली गई। इस वारदात की जिम्मेदारी जमात-उल-अहराइर नाम के गुट ने ली है। पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने तीन हमलावरों को मार गिराया और एक घायल को पकड़ा, जिसे पाकिस्तानी सेना ने अफगान नागरिक बताया है।

इसके जवाब में पाकिस्तान ने 28 और 29 जून की रात को अफगानिस्तान के पकतिया, पकतिका और कुनार प्रांतों में खुफिया जानकारी के आधार पर हमले किए। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्तउल्लाह तरार ने बताया कि इन हमलों का मकसद जमात-उल-अहराइर जैसे आतंकी ठिकानों को खत्म करना था। पाकिस्तान का दावा है कि इस ऑपरेशन में 25 से 29 आतंकी मारे गए हैं।

दूसरी तरफ, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इन दावों को खारिज कर दिया है। तालिबान के डिप्टी प्रवक्ता हमदुल्लाह फिटरत ने कहा कि पाकिस्तान के इन हवाई हमलों में 36 आम नागरिक मारे गए और 163 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि पकतिया के मंडोखैल गांव में एक घर पर हमला हुआ जिसमें एक बुजुर्ग और बच्चा मारा गया, जबकि मदद करने आए ग्रामीणों पर दूसरे हमले में 28 लोग मरे। पकतिका के वोलास्ट गांव में भी महिलाओं और बच्चों समेत छह लोगों की मौत की खबर है।

तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान की इस कार्रवाई को कायरतापूर्ण और बर्बरतापूर्ण बताया है। अफगानिस्तान का कहना है कि उसकी जमीन का इस्तेमाल आतंकियों को पनाह देने के लिए नहीं किया जा रहा है। इससे पहले भी फरवरी में दोनों देशों के बीच भारी तनाव रहा था और मार्च में एक युद्धविराम हुआ था, लेकिन अब फिर से हालात खराब हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने पहले भी दोनों देशों से नागरिकों की सुरक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की अपील की है।