Maharashtra: मुंबई में PADI ने ग्लोबल शार्क और रे सेंसस के साथ एक खास कंजर्वेशन कोर्स की शुरुआत की है। 23 अप्रैल 2026 को लॉन्च हुए इस प्रोग्राम का मकसद समुद्र में रहने वाले शार्क और रे जैसे जीवों की गिनती करना और उन्हें
Maharashtra: मुंबई में PADI ने ग्लोबल शार्क और रे सेंसस के साथ एक खास कंजर्वेशन कोर्स की शुरुआत की है। 23 अप्रैल 2026 को लॉन्च हुए इस प्रोग्राम का मकसद समुद्र में रहने वाले शार्क और रे जैसे जीवों की गिनती करना और उन्हें बचाना है। इसमें दुनिया भर के गोताखोर और आम लोग मिलकर डेटा जुटाएंगे ताकि इन समुद्री प्रजातियों को खत्म होने से रोका जा सके।
इस कोर्स में कौन हिस्सा ले सकता है और कैसे होगा काम?
इस प्रोग्राम में डाइवर्स, फ्रीडाइवर्स और मरमेड हिस्सा ले सकते हैं। उन्हें PADI शार्क और रे कंजर्वेशन स्पेशलिटी कोर्स करना होगा, जिसमें डिजिटल पढ़ाई और एक ट्रेनिंग डाइव शामिल है। जो लोग गोताखोरी नहीं जानते, वे भी किनारे से या नाव के जरिए इन जीवों की गिनती में मदद कर सकते हैं। सभी जानकारी PADI AWARE ऐप के पोर्टल पर डाली जाएगी, जिसमें जीव का नाम, जगह और उसके व्यवहार की जानकारी होगी।
किन संस्थाओं ने मिलकर शुरू किया यह अभियान?
इस मुहिम को PADI और PADI AWARE फाउंडेशन ने शुरू किया है। इसमें स्विट्जरलैंड की घड़ी कंपनी Blancpain ने पार्टनर के तौर पर मदद की है। डेटा की शुद्धता जांचने के लिए James Cook University के एक्सपर्ट्स साथ काम कर रहे हैं, जो यह पक्का करेंगे कि इकट्ठा की गई जानकारी वैज्ञानिक रूप से सही है। यह पूरा अभियान PADI की 60वीं सालगिरह के मौके पर शुरू किया गया है।
समुद्री जीवों को बचाने के लिए यह क्यों जरूरी है?
PADI की चीफ ब्रांड ऑफिसर Kristin Valette Wirth ने बताया कि शार्क और रे समुद्र के इकोसिस्टम को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी हैं। इस डेटा से यह पता चलेगा कि ये जीव कहां मौजूद हैं और कहां नहीं, जिससे सरकार और संस्थाएं सही जगह पर सुरक्षा के कदम उठा सकेंगी। कोर्स के जरिए लोगों को ओवरफिशिंग और उनके रहने की जगह खत्म होने जैसे खतरों के बारे में भी सिखाया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
PADI शार्क और रे कोर्स क्या है?
यह एक ट्रेनिंग प्रोग्राम है जो गोताखोरों को समुद्री जीवों की गिनती और डेटा इकट्ठा करना सिखाता है ताकि शार्क और रे प्रजातियों का संरक्षण किया जा सके।
क्या बिना डाइविंग जाने वाले लोग इसमें शामिल हो सकते हैं?
हाँ, नॉन-डाइवर लोग किनारे से या नाव के जरिए भी सेंसस लॉगिंग में हिस्सा ले सकते हैं।