Strait of Hormuz में Oman ने शुरू किया नया शिपिंग कॉरिडोर, Bahrain ने किया स्वागत

World : ओमान ने Strait of Hormuz में जहाजों के आने-जाने के लिए एक अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर शुरू किया है। इस कदम का बहरीन ने स्वागत किया है और इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक अच्छी पहल बताया है। यह कॉरिडोर उन कमर्शियल ज

World : ओमान ने Strait of Hormuz में जहाजों के आने-जाने के लिए एक अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर शुरू किया है। इस कदम का बहरीन ने स्वागत किया है और इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक अच्छी पहल बताया है। यह कॉरिडोर उन कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है जो क्षेत्रीय तनाव के कारण खतरे में थे।

बहरीन के विदेश मंत्री Abdullatif bin Rashid Al Zayani ने मनामा में आयोजित US-GCC बैठक के दौरान इस कॉरिडोर की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह रास्ता अस्थिरता के समय में व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा देगा। साथ ही उन्होंने रक्षा और समुद्री सुरक्षा के लिए अमेरिका और GCC देशों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया। बहरीन ने यह भी साफ किया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइलों पर लगाम लगाना जरूरी है ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे।

यह पूरा मामला अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौतों के बाद सामने आया है। जून 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच एक MoU साइन हुआ था, जिसके बाद Strait of Hormuz को फिर से खोलने और अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाने पर सहमति बनी थी। ओमान ने इस जिम्मेदारी को समझते हुए दो अस्थायी रास्ते (उत्तर और दक्षिण) तय किए हैं क्योंकि पुराने रास्ते अब सुरक्षित नहीं माने जा रहे थे।

नियम और विवरण जानकारी
कॉरिडोर की कुल लंबाई 80.7 नॉटिकल मील (मुख्य कॉरिडोर 62.2 मील)
टोल टैक्स कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा
समन्वय एजेंसी International Maritime Organization (IMO) और ओमान अधिकारी
कम्युनिकेशन चैनल International VHF Channel 16
अनिवार्य शर्त Automatic Identification System (AIS) चालू रखना होगा
प्रक्रिया जहाजों को ग्रुप में बांटा जाएगा और निर्देश दिए जाएंगे

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि Strait of Hormuz एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और यहां किसी भी तरह का ट्रांजिट शुल्क स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं IMO की प्रवक्ता ने बताया कि इस व्यवस्था से उन हजारों नाविकों को राहत मिलेगी जो युद्ध और संघर्ष की वजह से इलाके में फंसे हुए थे। ओमान ने स्पष्ट किया है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और नेविगेशन की आजादी के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।