Bihar: राज्य के बांका जिले में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। सरकारी कंपनी NTPC यहां 1,400 मेगावाट क्षमता के दो परमाणु बिजली घर बनाने पर विचार कर रही है। इस बड़ी परियोजना से न केवल बिहार की बिजली
Bihar: राज्य के बांका जिले में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। सरकारी कंपनी NTPC यहां 1,400 मेगावाट क्षमता के दो परमाणु बिजली घर बनाने पर विचार कर रही है। इस बड़ी परियोजना से न केवल बिहार की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में भारी निवेश भी आएगा।
परियोजना की मुख्य बातें क्या हैं?
NTPC बिहार के बांका जिले में 700-700 मेगावाट की दो परमाणु इकाइयां स्थापित करने की योजना बना रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 25,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। फिलहाल कंपनी के अधिकारी पटना से 250 किलोमीटर दूर बांका में इस प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता (Feasibility Study) की जांच कर रहे हैं। इस प्लांट को लगाने के लिए लगभग 1,000 एकड़ जमीन की जरूरत होगी।
सरकार का क्या रोल है और आगे क्या होगा?
एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, बिहार सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए अपना पूरा समर्थन दिया है और प्लांट के लिए जरूरी पानी उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिलाया है। अभी व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाई जाएगी। यह कदम भारत सरकार के 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता हासिल करने के लक्ष्य का हिस्सा है। NTPC का लक्ष्य 2032 तक कम से कम 2 गीगावाट परमाणु क्षमता हासिल करना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बांका में कितने मेगावाट का परमाणु प्लांट लगेगा?
बांका में 700-700 मेगावाट की दो इकाइयां लगेंगी, जिससे कुल क्षमता 1,400 मेगावाट होगी।
इस प्रोजेक्ट में कितना निवेश होगा और कितनी जमीन चाहिए?
इस परियोजना में लगभग 25,000 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है और इसके लिए करीब 1,000 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी।