Delhi: क्लास 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में कॉपी चेक करने के नए डिजिटल तरीके को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। National Students’ Union of India (NSUI) ने CBSE के On-Screen Marking (OSM) सिस्टम के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट
Delhi: क्लास 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में कॉपी चेक करने के नए डिजिटल तरीके को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। National Students’ Union of India (NSUI) ने CBSE के On-Screen Marking (OSM) सिस्टम के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है। NSUI ने आरोप लगाया है कि इस नई व्यवस्था में बड़ी गड़बड़ियां और तकनीकी खामियां हैं, जिससे छात्रों के नंबरों पर असर पड़ा है।
OSM सिस्टम में क्या गड़बड़ियां बताई गई हैं?
NSUI ने अपनी याचिका में कहा है कि रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने गंभीर शिकायतें की हैं। आरोप है कि कुछ उत्तर पुस्तिकाओं के स्कैन धुंधले थे, कुछ पेज गायब मिले और कुछ जगह अपलोड अधूरा था। याचिका में यह भी कहा गया है कि कई छात्रों को उम्मीद से बहुत कम नंबर मिले हैं और उत्तर पुस्तिकाओं के आपस में बदलने की खबरें भी आई हैं। वर्तमान में मैन्युअल वेरिफिकेशन का कोई पुख्ता तरीका न होने से छात्र परेशान हैं।
NSUI ने कोर्ट से क्या मांग की है?
छात्र संगठन ने दिल्ली हाई कोर्ट से मांग की है कि इस पूरे मामले की एक स्वतंत्र जांच कराई जाए। NSUI ने अनुरोध किया है कि CBSE को वेरिफिकेशन पोर्टल एक महीने के लिए फिर से खोलने का निर्देश दिया जाए। साथ ही, जिन मामलों में विवाद है, वहां उत्तर पुस्तिकाओं की फिजिकल चेकिंग और मैन्युअल री-चेकिंग की अनुमति दी जाए। याचिका में उन छात्रों के लिए मुआवजे के तौर पर नंबर देने की मांग भी की गई है जिनकी कॉपियां धुंधली थीं या गायब थीं।
डिजिटल मार्किंग सिस्टम क्या है और क्यों लाया गया?
CBSE ने 9 फरवरी 2026 को नोटिस जारी कर 2026 की परीक्षाओं से On-Screen Marking (OSM) लागू करने का फैसला किया था। इस सिस्टम में कॉपियों को स्कैन करके एक सुरक्षित ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाता है और ट्रेन किए गए एग्जामिनर कंप्यूटर पर ही नंबर देते हैं। बोर्ड का दावा था कि इससे टोटल करने की गलती खत्म होगी, समय बचेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी। हालांकि, करीब 1,27,146 आवेदनों के जरिए 3,87,399 स्कैन कॉपियों की मांग ने इस सिस्टम पर भरोसा कम किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
On-Screen Marking (OSM) सिस्टम क्या है?
यह एक डिजिटल मूल्यांकन तरीका है जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाता है और शिक्षक कंप्यूटर के जरिए उन्हें चेक कर सीधे नंबर दर्ज करते हैं।
NSUI ने कोर्ट में किन मुख्य समस्याओं का जिक्र किया है?
NSUI ने धुंधले स्कैन, गायब पेज, अधूरी अपलोडिंग और उत्तर पुस्तिकाओं के गलत मिलान जैसी तकनीकी खामियों का आरोप लगाया है।