Delhi, UP समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी
Delhi/NCR: उत्तर भारत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है जिससे आने वाले दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यो
Delhi/NCR: उत्तर भारत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है जिससे आने वाले दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक यह बारिश का दौर 1 या 2 अगस्त तक जारी रह सकता है।
दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो 28 और 29 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है जिसमें मध्यम बारिश होगी। वहीं 30 और 31 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है, जहां अगले 4-5 दिनों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक गहरा डिप्रेशन बना हुआ है, जो 27 जुलाई की दोपहर तक पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा तटों को पार कर सकता है। इसी वजह से मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं। हिमाचल प्रदेश में 27 जुलाई और फिर 31 जुलाई से 1 अगस्त के बीच भारी बारिश की आशंका है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में भी बहुत भारी बारिश हो सकती है।
| राज्य/क्षेत्र | अलर्ट/संभावना | तारीख |
|---|---|---|
| दिल्ली-एनसीआर | येलो अलर्ट (मध्यम से भारी बारिश) | 28 जुलाई से 31 जुलाई |
| उत्तर प्रदेश | ऑरेंज अलर्ट (अत्यधिक भारी बारिश) | अगले 4-5 दिन |
| हिमाचल प्रदेश | भारी बारिश की आशंका | 27 जुलाई, 31 जुलाई-1 अगस्त |
| छत्तीसगढ़ | बहुत भारी बारिश | 27 जुलाई |
| पश्चिम बंगाल | बहुत भारी बारिश | 26 और 27 जुलाई |
IMD ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे गरज और बिजली गिरने के समय खुले इलाकों में जाने से बचें। जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी किनारों से दूर रहने की सलाह दी गई है। पहाड़ी इलाकों जैसे हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, इसलिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतनी होगी। हरियाणा में किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में पानी की निकासी का इंतजाम रखें और फिलहाल सिंचाई न करें।