UP : नोएडा में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को पुलिस ने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के मुताबिक यह पूरी घटना एक सोची
UP : नोएडा में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को पुलिस ने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के मुताबिक यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश थी। आदित्य आनंद के खिलाफ कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी था और उसे पकड़ने के लिए 1 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।
आदित्य आनंद कौन है और कैसे हुई गिरफ्तारी?
पकड़ा गया आरोपी आदित्य आनंद NIT Jamshedpur से BTech ग्रेजुएट है। उसकी गिरफ्तारी नोएडा पुलिस और यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की एक संयुक्त टीम ने की। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. राजीव नारायण मिश्रा की देखरेख में यह ऑपरेशन चलाया गया। इससे पहले इस मामले में रूपेश रॉय और मनीषा चौहान को 11 अप्रैल को गिरफ्तार किया जा चुका है।
हिंसा की साजिश और बाहरी कनेक्शन की जांच
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस विरोध प्रदर्शन के लिए पैसा कहां से आया। जांच एजेंसियों को शक है कि इसमें बाहरी राज्यों या विदेशों से फंडिंग मिली है। साथ ही ‘अर्बन नक्सल नेटवर्क’ और पाकिस्तान से चलने वाले दो X (ट्विटर) हैंडल की भूमिका की भी जांच हो रही है, जिन्होंने गलत जानकारी फैलाकर हिंसा भड़काई। पुलिस ने अब तक 13 FIR दर्ज की हैं और 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है।
मजदूरों के हक और सरकार का एक्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि मजदूरों को उनका पूरा हक मिलना चाहिए और कंपनियों को लेबर कानून मानने होंगे। हालांकि, हिंसा भड़काने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन बढ़ा दिया है और भविष्य में वेतन तय करने के लिए एक वेज बोर्ड बनाने का ऐलान किया है।
| मुख्य विवरण |
जानकारी |
| गिरफ्तार आरोपी |
आदित्य आनंद (BTech, NIT Jamshedpur) |
| गिरफ्तारी की जगह |
तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन, Tamil Nadu |
| इनाम राशि |
1 लाख रुपये |
| कुल गिरफ्तारियां |
300 से अधिक |
| कुल FIR |
13 |
| मुख्य साजिश |
बाहरी फंडिंग और सोशल मीडिया भड़कावा |