UP : नोएडा के सेक्टर 60 और फेज 2 इलाकों में सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को वेतन वृद्धि की मांग कर रहे फैक्ट्री मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। इस दौरान आगजनी, तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की खबरें आईं, जिससे दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर
UP : नोएडा के सेक्टर 60 और फेज 2 इलाकों में सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को वेतन वृद्धि की मांग कर रहे फैक्ट्री मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। इस दौरान आगजनी, तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की खबरें आईं, जिससे दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और ट्रैफिक पूरी तरह जाम हो गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी बल तैनात किया है।
हिंसा के पीछे कौन है और पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
UP के DGP Rajeev Krishna ने बताया कि इस unrest में कुछ ‘उकसाने वाले’ और ‘बाहरी तत्व’ शामिल हैं, जिनकी पहचान की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि पहचान होते ही इन लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने इसे नक्सलवाद को पुनर्जीवित करने की एक बड़ी साजिश बताया है और अधिकारियों को ऐसे विघटनकारी तत्वों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
मजदूरों की मांग और प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
नोएडा की DM Medha Rupam ने कंपनियों के साथ बैठक कर कई जरूरी कदम उठाने को कहा है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने। प्रशासन ने निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
- हर महीने की 10 तारीख तक सैलरी स्लिप के साथ पूरा वेतन देना होगा।
- कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने के लिए कमेटी बनानी होगी।
- शिकायत पेटियां लगानी होंगी और मजदूरों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना होगा।
- ओवरटाइम के लिए डबल पेमेंट सुनिश्चित करना होगा।
क्या स्थिति अब नियंत्रण में है?
UP पुलिस ने साफ किया है कि कई जगहों पर प्रदर्शन हुए, लेकिन केवल एक जगह हिंसा हुई जहां स्थिति संभालने के लिए बहुत कम बल का प्रयोग किया गया और कोई फायरिंग नहीं हुई। फिलहाल औद्योगिक क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात है और ट्रैफिक जाम खुल गया है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और सोशल मीडिया पर गलत खबरें फैलाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही है।