UP: नोएडा में मजदूर आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद को यूपी एसटीएफ और नोएडा पुलिस ने तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया है। बिहार के हाजीपुर का रहने वाला आदित्य पुलिस की नजरों से बचने के लिए चेन्नई मे
UP: नोएडा में मजदूर आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद को यूपी एसटीएफ और नोएडा पुलिस ने तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया है। बिहार के हाजीपुर का रहने वाला आदित्य पुलिस की नजरों से बचने के लिए चेन्नई में फर्जी पहचान के साथ छिपा हुआ था। उस पर 1 लाख रुपये का इनाम था और वह समुद्री रास्ते से विदेश भागने की फिराक में था।
कौन है आदित्य आनंद और क्या था उसका बैकग्राउंड
आदित्य आनंद, जिसे ‘रस्टी’ या ‘रॉकी’ के नाम से भी जाना जाता है, बिहार के हाजीपुर का निवासी है। उसने 2020 में NIT Jamshedpur से B.Tech किया था और Genpact कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम कर चुका है। पुलिस के मुताबिक, वह ‘मजदूर बिगुल’ और ‘भारतीय क्रांतिकारी मजदूर पार्टी’ जैसे कई कट्टरपंथी संगठनों के संपर्क में था और श्रमिकों को भड़काकर अशांति फैलाने का काम कर रहा था।
कैसे रची गई नोएडा हिंसा की साजिश
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि 13 अप्रैल 2026 को हुई हिंसा कोई इत्तेफाक नहीं थी। इसकी पूरी प्लानिंग 30 मार्च से 1 अप्रैल के बीच नोएडा के सेक्टर-37 में आदित्य के किराए के कमरे में हुई बैठकों में की गई थी। उसने क्यूआर कोड के जरिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए और 9 से 10 अप्रैल के बीच औद्योगिक क्षेत्र के मजदूरों को भड़काऊ भाषण देकर हिंसा के लिए प्रेरित किया।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की पूरी जानकारी
| विवरण |
जानकारी |
| गिरफ्तारी का स्थान |
तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन, तमिलनाडु |
| गिरफ्तारी का समय |
18 अप्रैल 2026, रात 1:40 बजे |
| घोषित इनाम |
1 लाख रुपये |
| सहयोगी आरोपी |
रूपेश रॉय और मनीषा चौहान (पहले गिरफ्तार) |
| मुख्य धाराएं |
BNS 191, 115, 121, 125, 351, 352, 61 और 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट |
आदित्य ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है और उसे ट्रांजिट रिमांड पर नोएडा लाया जा रहा है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और देश-विदेश से मिल रही फंडिंग की जांच कर रही है।