UP : नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में वेतन और काम के घंटों को लेकर पिछले कुछ समय से मजदूरों में काफी नाराजगी थी। अप्रैल महीने में हजारों मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था, जिसमें हिंसा और पत्थरबाजी जैसी घटनाएं
UP : नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में वेतन और काम के घंटों को लेकर पिछले कुछ समय से मजदूरों में काफी नाराजगी थी। अप्रैल महीने में हजारों मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था, जिसमें हिंसा और पत्थरबाजी जैसी घटनाएं भी हुईं। हालांकि सरकार ने वेतन बढ़ाने का ऐलान किया, लेकिन कई मजदूरों का कहना है कि उन्हें अब तक बढ़ा हुआ पैसा और सैलरी स्लिप नहीं मिली है।
मजदूरों की मुख्य मांगें और प्रदर्शन में क्या हुआ?
नोएडा के फेज 2 होजरी कॉम्प्लेक्स में गारमेंट वर्कर्स ने 10 अप्रैल 2026 को शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू किया था। उनकी मांग थी कि 8 घंटे की ड्यूटी के लिए न्यूनतम बेसिक वेतन 20,000 रुपये हो और कॉन्ट्रैक्ट लेबर सिस्टम को खत्म किया जाए। 13 अप्रैल को यह विरोध हिंसक हो गया, जिसमें करीब 40,000 मजदूर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के 80 स्थानों पर जमा हुए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया और 7 FIR दर्ज हुईं।
सरकार ने वेतन में कितनी बढ़ोतरी की?
यूपी सरकार ने एक हाई-लेवल कमेटी के जरिए गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद के मजदूरों के लिए अंतरिम वेतन वृद्धि का ऐलान किया। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू की गई। वेतन में बदलाव इस प्रकार रहा:
| श्रेणी |
पुराना वेतन (₹) |
नया वेतन (₹) |
| अकुशल (Unskilled) |
11,313 |
13,690 |
| अर्ध-कुशल/कुशल |
अनुपातिक वृद्धि |
अनुपातिक वृद्धि |
सरकार ने यह भी आदेश दिया कि हर महीने की 10 तारीख तक वेतन बैंक खाते में जमा होना चाहिए और ओवरटाइम का भुगतान सामान्य दर से दोगुना किया जाए।
क्या अब समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है?
कंपनी की ओर से बकाया भुगतान के दावे किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ अलग है। 7 मई 2026 तक Motherson Group की फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि उन्हें अभी तक बढ़ा हुआ वेतन और सैलरी स्लिप नहीं मिली है। लेबर डिपार्टमेंट ने नियमों के उल्लंघन पर 24 फैक्ट्रियों के 203 ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की और 1.16 करोड़ रुपये से ज्यादा के बकाया भुगतान का निर्देश दिया। मजदूरों का आरोप है कि नए लेबर कोड आने के बावजूद उन्हें 10-12 घंटे की शिफ्ट के लिए सिर्फ 9,000 से 13,000 रुपये ही मिल रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नोएडा के मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन कितना तय किया गया है?
यूपी सरकार ने अकुशल मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये प्रति माह किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है।
प्रदर्शन के दौरान किन कंपनियों के मजदूर शामिल थे?
इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से Motherson Group और Richa Global Exports के मजदूर शामिल थे। इसके अलावा Vipul Motors और Sahu Exports जैसी कंपनियों के कर्मचारी भी प्रभावित थे।