UP : नोएडा में वेतन वृद्धि और काम की खराब स्थितियों को लेकर हुए मजदूरों के प्रदर्शन के बाद अब सियासी माहौल गरमा गया है। CPI(M) सांसद John Brittas ने पुलिस द्वारा बड़ी संख्या में मजदूरों को हिरासत में लेने पर गंभीर सवाल उ
UP : नोएडा में वेतन वृद्धि और काम की खराब स्थितियों को लेकर हुए मजदूरों के प्रदर्शन के बाद अब सियासी माहौल गरमा गया है। CPI(M) सांसद John Brittas ने पुलिस द्वारा बड़ी संख्या में मजदूरों को हिरासत में लेने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने मजदूरों की मांगों को देखते हुए न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का फैसला किया है।
सांसद John Brittas ने पुलिस प्रशासन से क्या कहा?
सांसद John Brittas ने गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर Laxmi Singh को पत्र लिखकर बताया कि एक हजार से ज्यादा मजदूरों और अन्य लोगों को अवैध तरीके से हिरासत में लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए और न ही परिवारों को जानकारी दी। पत्र में CITU के दफ्तरों को सील करने और यूनियन नेताओं को नजरबंद करने का मुद्दा भी उठाया गया है। उन्होंने मांग की है कि बिना ठोस आधार के पकड़े गए लोगों को तुरंत रिहा किया जाए।
पुलिस की कार्रवाई और अब तक की गिरफ्तारियां
गौतम बुद्ध नगर पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट की वजह से 13 अप्रैल को तनाव बढ़ा, जिसमें पत्थरबाजी और संपत्ति को नुकसान पहुँचाया गया। पुलिस कमिश्नर Laxmi Singh ने पहले बताया था कि 300 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए गए और 7 FIR दर्ज हुईं। हाल ही में 19 अप्रैल को पुलिस ने हिंसा भड़काने के आरोप में Himanshu Thakur और Satyam Verma को भी गिरफ्तार किया है।
मजदूरों के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए?
प्रदर्शनों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा और गाजियाबाद के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी में 21% की बढ़ोतरी की मंजूरी दी है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इसके अलावा, सरकार ने एक हाई-पावर्ड कमेटी बनाई है जो ओवरटाइम पेमेंट, साप्ताहिक छुट्टी, बोनस और कार्यस्थल की सुविधाओं जैसी समस्याओं का समाधान करेगी।
| मुख्य बिंदु |
विवरण |
| मजदूरी में बढ़ोतरी |
21% वृद्धि (नोएडा और गाजियाबाद) |
| प्रभावी तिथि |
1 अप्रैल 2026 |
| कुल हिरासत (पुलिस दावा) |
300 से अधिक |
| कुल हिरासत (सांसद दावा) |
1000 से अधिक |
| मुख्य आरोपी |
Aditya Anand (गिरफ्तार) |