UP : नोएडा के औद्योगिक इलाकों में कम वेतन और भुगतान में देरी को लेकर मजदूरों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। 13 अप्रैल को यह हंगामा काफी बढ़ गया था, जिसके बाद सरकार को दखल देना पड़ा। अब यूपी सरकार ने न्यूनतम वेतन में बढ़ोतर
UP : नोएडा के औद्योगिक इलाकों में कम वेतन और भुगतान में देरी को लेकर मजदूरों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। 13 अप्रैल को यह हंगामा काफी बढ़ गया था, जिसके बाद सरकार को दखल देना पड़ा। अब यूपी सरकार ने न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी कर दी है ताकि मजदूरों की परेशानी दूर हो सके और फैक्ट्रियों में शांति बनी रहे।
वेतन में कितनी बढ़ोतरी हुई और क्या हैं नए नियम?
यूपी सरकार ने न्यूनतम वेतन में 20 से 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएगी। नोएडा और गाजियाबाद के अकुशल (unskilled) मजदूरों के लिए अब मासिक वेतन लगभग 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लेबर कानूनों का सख्ती से पालन हो और मजदूरों को उनकी सुरक्षा और सम्मान मिले।
प्रशासन ने क्या कार्रवाई की और कितने लोग गिरफ्तार हुए?
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के मुताबिक, करीब 83 अलग-अलग जगहों पर 42,000 मजदूर इकट्ठा हुए थे। इस दौरान हुई हिंसा और हंगामे के मामले में 300 से 350 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 7 FIR दर्ज हुई हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस पूरे विरोध के पीछे कोई सोची-समझी साजिश थी। साथ ही, सोशल मीडिया पर गलत खबरें फैलाने वालों के खिलाफ भी केस दर्ज किए गए हैं।
ठेकेदारों पर क्या एक्शन लिया गया और आगे की तैयारी क्या है?
लेबर डिपार्टमेंट ने नियमों की अनदेखी करने वाले ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद अब तक कुल 35 ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। इन पर न्यूनतम वेतन न देने और जरूरी कागजात न रखने के आरोप हैं। मुख्यमंत्री ने 1 मई (मजदूर दिवस) के आसपास अलर्ट रहने को कहा है ताकि दोबारा कोई तनाव न पैदा हो।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल गिरफ्तार लोग |
300 से 350 |
| रद्द हुए लाइसेंस |
35 ठेकेदार |
| नया न्यूनतम वेतन (Unskilled) |
₹13,690 |
| वेतन में वृद्धि |
20-21% |
| दर्ज FIR की संख्या |
7 |