Noida के Godrej Nest में घर खरीदारों की बढ़ी मुश्किलें, 62 साल के बुजुर्ग बोले- अब तक नहीं मिला अपना घर
UP/Noida: नोएडा के सेक्टर 150 में स्थित Godrej Nest प्रोजेक्ट के घर खरीदार लंबे समय से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हैं। कई लोग अपनी जमा पूंजी लगाने के बाद भी दर-दर भटक रहे हैं, वहीं कुछ को मिले घरों की हालत बेहद खराब ब
UP/Noida: नोएडा के सेक्टर 150 में स्थित Godrej Nest प्रोजेक्ट के घर खरीदार लंबे समय से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हैं। कई लोग अपनी जमा पूंजी लगाने के बाद भी दर-दर भटक रहे हैं, वहीं कुछ को मिले घरों की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। इस प्रोजेक्ट में फंसे लोगों का दर्द अब सामने आ रहा है, जहां बुजुर्गों से लेकर कई परिवार बेघर होने जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।
जून 2026 में बिल्डर ने सात में से दो टावरों का कब्जा देना शुरू किया था, लेकिन कई खरीदारों का कहना है कि यह काम बहुत जल्दबाजी में किया गया। जिन लोगों को चाबियां मिलीं, उन्होंने निर्माण की खराब क्वालिटी की शिकायत की है। कुछ घरों में तो कब्जा मिलने के कुछ ही दिनों बाद दीवारों और छतों से पानी टपकने (seepage) की समस्या सामने आई है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में नोएडा अथॉरिटी को निर्देश दिया था कि छह टावरों के लिए छह हफ्ते के भीतर कंडीशनल ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) जारी किए जाएं। यह आदेश करीब 400 से ज्यादा परिवारों को राहत देने के लिए दिया गया था। कोर्ट ने साफ किया था कि यह राहत केवल इन छह टावरों के लिए है और इसे अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए मिसाल नहीं माना जाएगा।
प्रोजेक्ट की कानूनी लड़ाई में Brick Rise Developers और Lotus Green Constructions के नाम सामने आए हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फरवरी 2025 में Lotus Green के खिलाफ फैसला सुनाया था और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए CBI जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद Brick Rise ने करीब 80 करोड़ रुपये का बकाया जमा किया था।
Godrej Nest एक RERA रजिस्टर्ड सोसाइटी है। इसके पहले फेज का रजिस्ट्रेशन नंबर UPRERAPRJ13521 और दूसरे फेज का UPRERAPRJ14252 है। यह प्रोजेक्ट करीब 9 एकड़ में फैला है, जिसमें 7 टावर हैं और कुल 473 फ्लैट्स (2, 3 और 4 BHK) बनाए गए हैं। फिलहाल पूरे प्रोजेक्ट के जनवरी 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।