UP : नोएडा की फेज 1 पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह लोगों को फर्जी KYC अपडेट करने और रिवॉर्ड पॉइंट दिलाने के बहाने जाल में फंसाता था। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, ज
UP : नोएडा की फेज 1 पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह लोगों को फर्जी KYC अपडेट करने और रिवॉर्ड पॉइंट दिलाने के बहाने जाल में फंसाता था। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी ऐप्स के जरिए लोगों के बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुरा रहे थे।
कैसे काम करता था यह साइबर फ्रॉड गिरोह?
यह गिरोह लोगों को कॉल करके कहता था कि उनका KYC अपडेट करना है या उन्हें रिवॉर्ड पॉइंट मिलेंगे। इसके बाद वे शिकार को एक फर्जी APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति यह ऐप इंस्टॉल करता था, जालसाजों को उसके क्रेडिट कार्ड नंबर, CVV और बैंकिंग डिटेल्स मिल जाते थे। इतना ही नहीं, यह ऐप उनके फोन पर आने वाले OTP को भी इंटरसेप्ट कर लेता था, जिससे उनके खातों से पैसे निकालना आसान हो गया था।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी और क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने विकास कुमार (31 वर्ष) और सूरज (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। विकास कुमार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और उस पर 2023 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज था। पुलिस ने इनके पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- 3 मोबाइल फोन
- 2 सोने के सिक्के
- 2 चांदी के सिक्के
आरोपियों ने चोरी किए गए पैसों से सोने और चांदी के सिक्के खरीदे थे। ये लोग कमीशन पर काम करते थे और बैंकों से ग्राहकों का डेटा चुराकर इस खेल को अंजाम देते थे।
पुलिस की कार्रवाई और आम जनता के लिए चेतावनी
DCP Shavya Goel ने बताया कि इन आरोपियों के नंबरों पर National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP) पर 20 से ज्यादा शिकायतें दर्ज थीं। आरोपियों के खिलाफ BNSS की धारा 318(2), 318(4) और IT एक्ट की धारा 66D के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक से ऐप डाउनलोड न करें। अगर आपके साथ कोई साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साइबर फ्रॉड होने पर शिकायत कहाँ करें?
साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में आप तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं या आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
यह गिरोह किन बैंकों के ग्राहकों को निशाना बना रहा था?
इस गिरोह ने मुख्य रूप से Axis Bank और AU Small Finance Bank के ग्राहकों का डेटा चुराकर उन्हें निशाना बनाया था।