UP: नोएडा प्रशासन ने बाहरी एजेंसियों और ठेकेदारों के लिए कड़े नियम जारी किए हैं। अगर किसी एजेंसी के मजदूर उत्पात मचाते हैं या अनुशासन तोड़ते हैं, तो उस एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उनका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।
UP: नोएडा प्रशासन ने बाहरी एजेंसियों और ठेकेदारों के लिए कड़े नियम जारी किए हैं। अगर किसी एजेंसी के मजदूर उत्पात मचाते हैं या अनुशासन तोड़ते हैं, तो उस एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उनका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है। यह फैसला 13 अप्रैल को फैक्टरी मजदूरों द्वारा किए गए हिंसक प्रदर्शनों के बाद लिया गया है।
एजेंसियों के लिए क्या हैं नए नियम और शर्तें?
गौतम बुद्ध नगर की जिला मजिस्ट्रेट Medha Roopam ने बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को यह चेतावनी जारी की। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मजदूरों के किसी भी गलत व्यवहार के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसी और ठेकेदार को जिम्मेदार माना जाएगा। सभी ठेकेदारों को सरकारी गाइडलाइंस का 100% पालन करना होगा, ताकि जिले में औद्योगिक शांति बनी रहे।
न्यूनतम वेतन में कितनी बढ़ोत्तरी हुई है?
सरकार ने औद्योगिक मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन में 21% की बढ़ोतरी की है। नए नियमों के मुताबिक, अब वेतन सीधे मजदूरों के बैंक खातों में भेजा जाना जरूरी है। संशोधित वेतन दरें इस प्रकार हैं:
| मजदूर की श्रेणी |
नया मासिक वेतन (रुपये में) |
| अकुशल (Unskilled) |
13,690 |
| अर्ध-कुशल (Semi-skilled) |
15,059 |
| कुशल (Skilled) |
16,868 |
मौजूदा स्थिति और अधिकारियों का क्या कहना है?
नोएडा पुलिस कमिश्नर Laxmi Singh ने बताया कि 83 में से केवल दो जगहों पर हिंसा हुई थी और बाकी प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे। सरकार ने वेतन बोर्ड का गठन किया है और अंतरिम वेतन वृद्धि की घोषणा की है। वहीं, यूपी के DGP Rajeev Krishna ने कहा है कि नोएडा में अब हालात पूरी तरह सामान्य हो चुके हैं। दूसरी तरफ, Congress ने इस कदम को मजदूरों की आवाज दबाने का एक तरीका बताया है।