Delhi: दिल्ली और एनसीआर के लोगों के लिए सफर आसान होने वाला है। केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने क्षेत्र में 23 हजार करोड़ रुपये की नई सड़क परियोजनाओं की घोषणा की है। इस मास्टर प्लान में एक्सप्रेसवे, टनल और एलिवेटेड कॉरिड
Delhi: दिल्ली और एनसीआर के लोगों के लिए सफर आसान होने वाला है। केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने क्षेत्र में 23 हजार करोड़ रुपये की नई सड़क परियोजनाओं की घोषणा की है। इस मास्टर प्लान में एक्सप्रेसवे, टनल और एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे। सबसे खास बात यह है कि अब दिल्ली के कचरे का इस्तेमाल सड़क बनाने में किया जाएगा जिससे शहर की गंदगी भी कम होगी और सड़कें भी बनेंगी।
कचरे से सड़कें बनाने का क्या है पूरा प्लान
नितिन गडकरी ने साफ किया है कि वे दिल्ली में कचरे के पहाड़ों को खत्म करना चाहते हैं। इसके लिए MoRTH ने 23 सितंबर 2024 को नई गाइडलाइंस जारी की थीं। अब NHAI और अन्य सड़क बनाने वाली एजेंसियों के लिए यह जरूरी होगा कि वे नगर निगमों से ठोस कचरा लें और उसका इस्तेमाल सड़क के तटबंध (embankments) बनाने में करें। सरकार का लक्ष्य है कि 2027 के अंत तक पूरे भारत में ठोस कचरे का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया जाए।
किन बड़े प्रोजेक्ट्स पर शुरू होगा काम
दिल्ली-एनसीआर के लिए कुल 1.5 लाख करोड़ रुपये का रोडमैप तैयार किया गया है। इसमें से कुछ मुख्य प्रोजेक्ट्स इस प्रकार हैं:
- DND-फरीदाबाद-सोहना एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे: यह करीब 59.063 किमी लंबा है और इसकी लागत 4,463 करोड़ रुपये है।
- DND-फरीदाबाद बाईपास से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 31.425 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनेगा, जिसकी लागत 2,360 करोड़ रुपये होगी।
- रिंग रोड-महारानी बाग को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला छह लेन का हाईवे भी बनाया जाएगा।
इनमें से छह बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम अक्टूबर 2026 से अप्रैल 2027 के बीच शुरू होगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने भी इस पहल का स्वागत किया है क्योंकि इससे लैंडफिल साइट्स की ऊंचाई कम होगी।
आम जनता को इससे क्या फायदा होगा
इस योजना से दिल्ली और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। कचरे का इस्तेमाल होने से प्राकृतिक संसाधनों की बचत होगी और निर्माण की लागत भी घटेगी। साथ ही, निर्माण कार्यों में धूल कम करने के लिए CAQM ने सख्त नियम लागू किए हैं ताकि वायु प्रदूषण पर लगाम लग सके। अब तक दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में 80 लाख टन कचरे का इस्तेमाल किया जा चुका है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली के कचरे का इस्तेमाल सड़कों में कैसे होगा?
MoRTH की गाइडलाइंस के अनुसार, नगर निगमों से मिलने वाले प्रोसेस्ड इनऑर्गेनिक सॉलिड वेस्ट (Inert Material) का इस्तेमाल हाईवे के तटबंध बनाने में किया जाएगा।
NCR में कौन से मुख्य रोड प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं?
मुख्य प्रोजेक्ट्स में DND-फरीदाबाद-सोहना हाईवे (4,463 करोड़) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (2,360 करोड़) शामिल हैं।