NITI Aayog: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग में दो नए फुल-टाइम सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। डॉ आर बालासुब्रमण्यम और डॉ जोराम अनिया अब इस संस्था में अपनी सेवाएं देंगे। कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी नोटिफिक
NITI Aayog: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग में दो नए फुल-टाइम सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। डॉ आर बालासुब्रमण्यम और डॉ जोराम अनिया अब इस संस्था में अपनी सेवाएं देंगे। कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक यह नियुक्तियां 2 मई 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी।
कौन हैं नए नियुक्त सदस्य और उनकी खासियत क्या है?
डॉ आर बालासुब्रमण्यम एक जाने-माने लेखक और पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट हैं। उन्होंने पहले कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन में काम किया है और प्रधानमंत्री मोदी की लीडरशिप पर एक किताब भी लिखी है। वहीं, डॉ जोराम अनिया अरुणाचल प्रदेश से आती हैं और एक अनुभवी प्रोफेसर हैं। वह निशि समुदाय की पहली महिला हैं जिन्होंने पीएचडी की डिग्री हासिल की है, जो उनके राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
नीति आयोग में अब तक क्या बदलाव हुए हैं?
नीति आयोग का हाल ही में एक बड़ा पुनर्गठन किया गया है। 24 अप्रैल 2026 को अशोक कुमार लाहिरी को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उनके साथ ही के.वी. राजू, एम. श्रीनिवास, अभय करंदीकर, गोवर्धन दास और राजीव गौबा जैसे दिग्गजों को भी शामिल किया गया था। इन दो नई नियुक्तियों के बाद अब नीति आयोग में फुल-टाइम सदस्यों की कुल संख्या बढ़कर सात हो गई है।
नियुक्ति की शर्तें और प्रक्रिया क्या रही?
यह नियुक्तियां कैबिनेट सचिवालय के नोटिफिकेशन के आधार पर की गई हैं। दोनों सदस्य तब से अपना कार्यभार संभालेंगे जब वे ऑफिस जॉइन करेंगे और यह आदेश तब तक लागू रहेगा जब तक आगे कोई निर्देश न मिले। उन्हें वही नियम और शर्तें मिलेंगी जो नीति आयोग के अन्य फुल-टाइम सदस्यों के लिए तय हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भरोसा जताया है कि ये नए सदस्य देश की प्रगति और नए आइडियाज को आगे ले जाने में मदद करेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नीति आयोग में नए सदस्यों की नियुक्ति कब हुई?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 मई 2026 को डॉ आर बालासुब्रमण्यम और डॉ जोराम अनिया की नियुक्ति को मंजूरी दी।
डॉ जोराम अनिया की नियुक्ति क्यों खास मानी जा रही है?
डॉ जोराम अनिया अरुणाचल प्रदेश की एक प्रतिष्ठित बौद्धिक आवाज हैं और निशि समुदाय की पहली महिला हैं जिन्होंने पीएचडी की डिग्री ली है।