Maharashtra: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने मुंबई की एक विशेष अदालत में याचिका दायर कर एल्गर परिषद केस के दो आरोपियों, वर्नन गोनसाल्वेस और अरुण फरेरा की जमानत रद्द करने की मांग की है। एजेंसी का कहना है कि इन दोनों ए
Maharashtra: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने मुंबई की एक विशेष अदालत में याचिका दायर कर एल्गर परिषद केस के दो आरोपियों, वर्नन गोनसाल्वेस और अरुण फरेरा की जमानत रद्द करने की मांग की है। एजेंसी का कहना है कि इन दोनों एक्टिविस्ट्स ने अदालत द्वारा तय की गई जमानत की शर्तों का जानबूझकर उल्लंघन किया है। यह कार्रवाई सुधा भारद्वाज और वरवरा राव के खिलाफ की गई इसी तरह की याचिका के करीब एक महीने बाद हुई है।
NIA ने जमानत रद्द करने के लिए क्या आधार बताए हैं?
NIA का दावा है कि 19 जनवरी को दक्षिण मुंबई के मुंबई प्रेस क्लब में एक बैठक हुई थी, जिसमें वर्नन गोनसाल्वेस और अरुण फरेरा समेत कई सह-आरोपी शामिल हुए थे। एजेंसी के मुताबिक, इस बैठक का मकसद प्रतिबंधित CPI (माओवादी) की विचारधारा को फैलाना और ‘अर्बन नक्सल’ आंदोलन पर चर्चा करना था। सबूत के तौर पर NIA ने डिजिटल डेटा, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और वेन्यू की आंतरिक रिपोर्ट कोर्ट में पेश की है।
जमानत की शर्तें क्या थीं जिनका उल्लंघन हुआ?
सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई 2023 को गोनसाल्वेस और फरेरा को जमानत दी थी, लेकिन कुछ शर्तें रखी थीं। इन शर्तों के तहत उन्हें कोर्ट की अनुमति के बिना महाराष्ट्र छोड़ने की मनाही थी, पासपोर्ट जमा करना था, केवल एक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना था और NIA को अपने पते की जानकारी देनी थी। NIA का आरोप है कि आरोपियों ने इन नियमों को ताक पर रखा।
अब आगे क्या होगा और कोर्ट की अगली तारीख क्या है?
इस मामले की अगली सुनवाई 19 जून 2026 को तय की गई है, जिसमें आरोपी अपनी प्रतिक्रिया दाखिल करेंगे। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर प्रकाश शेट्टी NIA की तरफ से दलीलें पेश करेंगे। इसके अलावा, कोर्ट ने इस केस के दो फरार आरोपियों, प्रकाश उर्फ नवीन उर्फ ऋतुपन गोस्वामी और गणपति उर्फ मुपल्ला लक्ष्मण राव के खिलाफ उद्घोषणा जारी की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
NIA ने किन आरोपियों की जमानत रद्द करने की मांग की है?
NIA ने मुंबई की विशेष अदालत में एक्टिविस्ट वर्नन गोनसाल्वेस और अरुण फरेरा की जमानत रद्द करने की याचिका दायर की है।
जमानत रद्द करने की मांग का मुख्य कारण क्या है?
NIA का आरोप है कि आरोपियों ने 19 जनवरी को मुंबई प्रेस क्लब में एक बैठक में हिस्सा लिया, जो जमानत की शर्तों का उल्लंघन था और जिसका उद्देश्य प्रतिबंधित माओवादी विचारधारा को बढ़ावा देना था।