Delhi के छतरपुर में अवैध पेड़ कटाई पर NGT सख्त, दिल्ली सरकार से मांगी रिपोर्ट
Delhi: दक्षिण दिल्ली के छतरपुर इलाके में पेड़ों की अवैध कटाई और वन भूमि पर कब्जे के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। NGT ने दिल्ली सरकार को इस पूरे मामले पर वस्तु स्थिति रिपोर्ट (Status Report
Delhi: दक्षिण दिल्ली के छतरपुर इलाके में पेड़ों की अवैध कटाई और वन भूमि पर कब्जे के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। NGT ने दिल्ली सरकार को इस पूरे मामले पर वस्तु स्थिति रिपोर्ट (Status Report) दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश छतरपुर की आंबेडकर कॉलोनी में पेड़ों की कटाई से जुड़ी शिकायतों के बाद आया है।
NGT अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने यह निर्देश जारी किया। कोर्ट को बताया गया कि छतरपुर के एक फार्म हाउस में दिल्ली वृक्ष संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन कर कई पेड़ काटे गए। NGT द्वारा बनाई गई एक संयुक्त समिति की जांच में पाया गया कि नीम और पीपल समेत कुल 28 पेड़ों को बिना किसी अनुमति के काट दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि पेड़ों की बहुत ज्यादा छंटाई की गई थी, जो नियमों के खिलाफ है।
समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, खसरा संख्या 100, 101, 102, 103 और 105 को वन भूमि माना गया है, जबकि खसरा संख्या 60 आबादी क्षेत्र में आता है। दिल्ली सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि वन भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल काटे गए पेड़ | 28 (नीम, पीपल आदि) |
| दोषी पक्ष | मंचंदा फार्म का मालिक |
| जुर्माना सिफारिश | 1 लाख रुपये प्रति पेड़ |
| मुआवजा आदेश | 250 देशी पौधे लगाने होंगे |
| रिपोर्ट की समय सीमा | 6 सप्ताह के भीतर |
| अगली सुनवाई | 29 सितंबर, 2026 |
दिल्ली वन विभाग ने मंचंदा फार्म के मालिक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और उन्हें 250 पौधे लगाने का अंतरिम आदेश दिया है। NGT ने अब दिल्ली सरकार को छह हफ्ते के अंदर पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा है, ताकि पता चल सके कि अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।