Delhi: द्वारका के सेक्टर 19B में बन रहे मल्टी-स्पोर्ट्स एरिना प्रोजेक्ट को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। ट्रिब्यूनल ने पाया कि इस प्रोजेक्ट में बिना मंजूरी के निर्माण कार्य किया गया और बड़ी संख
Delhi: द्वारका के सेक्टर 19B में बन रहे मल्टी-स्पोर्ट्स एरिना प्रोजेक्ट को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। ट्रिब्यूनल ने पाया कि इस प्रोजेक्ट में बिना मंजूरी के निर्माण कार्य किया गया और बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए। यह पूरा मामला पर्यावरण नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है, जिस पर अब कानूनी शिकंजा कस गया है।
प्रोजेक्ट में क्या गलतियां पाई गईं?
NGT ने अपनी जांच में पाया कि इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी एनवायरमेंटल क्लियरेंस (EC) नहीं ली गई थी। डेवलपर कंपनी Worldstreet Sports Center Limited ने ‘डीम्ड क्लियरेंस’ का दावा किया था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। साथ ही, दिल्ली प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज एक्ट, 1994 के तहत पेड़ काटने की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। MoEF&CC के पोर्टल पर भी इस प्रोजेक्ट के दस्तावेज अधूरे पाए गए।
NGT ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
- Tree Officer/DFO: सैटेलाइट तस्वीरों की मदद से अवैध रूप से काटे गए पेड़ों का पता लगाएं और 8 हफ्ते में कार्रवाई करें।
- DPCC: पर्यावरण नियमों के उल्लंघन की जांच करें और जरूरत पड़ने पर भारी जुर्माना लगाएं।
- MoEF&CC: प्रोजेक्ट की गलतियों को देखते हुए एनवायरमेंटल क्लियरेंस पर अंतिम फैसला लें।
- Action Report: सभी संबंधित अधिकारियों को 3 महीने के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट जमा करनी होगी।
कौन-कौन सी संस्थाएं इस मामले में शामिल हैं?
| संस्था/व्यक्ति |
भूमिका |
| NGT |
आदेश जारी करने वाली अदालत |
| DDA |
PPP मोड पर प्रोजेक्ट चलाने वाली अथॉरिटी |
| Omaxe Ltd / Worldstreet |
प्रोजेक्ट को बनाने वाली डेवलपर कंपनी |
| DPCC |
जुर्माना और नियमों की जांच करने वाली संस्था |
| Renu Bala |
शिकायत दर्ज कराने वाली आवेदक |
वर्ल्डस्ट्रीट स्पोर्ट्स सेंटर लिमिटेड ने कहा है कि उन्होंने NGT के आदेश को नोट कर लिया है और वे सभी निर्देशों का पालन करेंगे, हालांकि कंपनी इस आदेश के खिलाफ अपील भी दाखिल कर रही है।