Banaras और Ayodhya से Delhi के लिए चलेंगी नई ट्रेनें, Bullet Train से 4 घंटे से कम में पहुंचेंगे वाराणसी

UP/Varanasi: बनारस और अयोध्या के यात्रियों के लिए रेल यात्रा अब और आसान होने वाली है। केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय दिल्ली के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई नई ट्रेनें चलाने की तैयारी में है। इसमें एक्सप्रेस ट्रेनों क

UP/Varanasi: बनारस और अयोध्या के यात्रियों के लिए रेल यात्रा अब और आसान होने वाली है। केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय दिल्ली के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई नई ट्रेनें चलाने की तैयारी में है। इसमें एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ-साथ हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन का प्रोजेक्ट भी शामिल है, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

रेलवे मंत्रालय ने पुरुलिया से आनंद विहार (दिल्ली) के बीच एक नई रेल सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। यह ट्रेन वाराणसी, अयोध्या और लखनऊ जैसे बड़े शहरों से होकर गुजरेगी, जिससे पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तर प्रदेश के लोगों को दिल्ली जाने के लिए सीधी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पूर्वांचल और दिल्ली के बीच उत्तरी गंगा कॉरिडोर के जरिए एक नई एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का भी ऐलान किया है।

रेलवे द्वारा प्रस्तावित नई सुविधाओं और ट्रेनों की जानकारी नीचे दी गई है:

प्रोजेक्ट/ट्रेन रूट और मुख्य स्टेशन खास बात
पुरुलिया-आनंद विहार ट्रेन पुरुलिया, वाराणसी, अयोध्या, लखनऊ, दिल्ली WB, झारखंड और UP को सीधी कनेक्टिविटी
पूर्वांचल-दिल्ली एक्सप्रेस छपरा, बलिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, लखनऊ, दिल्ली उत्तरी गंगा कॉरिडोर के जरिए संचालन
Amrit Bharat Express दिल्ली से गोरखपुर रेलवे बोर्ड द्वारा मंजूरी
Amrit Bharat Express बनारस से पुणे (Hadapsar) UP और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी
Amrit Bharat Express अयोध्या कैंट से मुंबई (LTT) श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा
Bullet Train Corridor दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, पटना दिल्ली-वाराणसी यात्रा मात्र 3 घंटे 50 मिनट में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में बनारस से पुणे और अयोध्या से मुंबई के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई है। इन ट्रेनों का मकसद काशी विश्वनाथ धाम और श्री राम मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को आरामदायक बनाना है। साथ ही, जौनपुर जंक्शन पर यार्ड रिमॉडलिंग का काम चल रहा है, जिसकी वजह से मई 2026 में वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी कुछ ट्रेनों के रूट बदले गए थे ताकि भविष्य में ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जा सके।