World: नेपाल प्रशासन ने भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों, खासकर बाइक के लिए नए और कड़े नियम लागू किए हैं। ये नियम 7 अप्रैल 2026 से 9 अप्रैल 2026 के बीच सख्ती से लागू किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सीमा पार से होने वाली तस्
World: नेपाल प्रशासन ने भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों, खासकर बाइक के लिए नए और कड़े नियम लागू किए हैं। ये नियम 7 अप्रैल 2026 से 9 अप्रैल 2026 के बीच सख्ती से लागू किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सीमा पार से होने वाली तस्करी को रोकना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। अगर आप अपनी गाड़ी से नेपाल जाने की सोच रहे हैं, तो अब आपको कागजी कार्रवाई और टैक्स का खास ध्यान रखना होगा।
नेपाल में एंट्री के लिए क्या हैं नए नियम और शर्तें?
नेपाल के सर्लाही जिला प्रशासन और मुख्य जिला अधिकारी रामू राज कादरिया के अनुसार, अब भारतीय बाइक चालकों को सीमा पर प्रवेश करते ही अनिवार्य रूप से अपनी एंट्री करानी होगी और एक आधिकारिक पास लेना होगा। यह पास केवल मुख्यालय क्षेत्र (सीमा चौकी से लगभग 8 किलोमीटर तक) के लिए ही मान्य होगा। यदि कोई चालक मुख्यालय क्षेत्र से आगे अंदरूनी हिस्सों में जाना चाहता है या वहां रात रुकना चाहता है, तो उसे भंसार यानी कस्टम टैक्स देना होगा। पास पर यह चेतावनी लिखी होगी कि नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वाहन प्रवेश के लिए कितना लगेगा शुल्क और क्या होगा जुर्माना?
विदेशी वाहनों के लिए प्रतिदिन के हिसाब से शुल्क तय किया गया है, जिसका विवरण नीचे दी गई टेबल में है:
| वाहन का प्रकार |
दैनिक शुल्क (नेपाली रुपये) |
| मोटरसाइकिल/स्कूटर |
200 |
| तीन पहिया वाहन |
400 |
| कार/जीप/वैन |
600 |
| मालवाहक मिनी ट्रक |
700 |
| ट्रक |
1000 |
नियमों के मुताबिक, कोई भी विदेशी वाहन एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 30 दिनों तक ही नेपाल में रह सकता है। समय सीमा से ज्यादा रुकने पर बाइक और स्कूटर पर 1200 रुपये और अन्य वाहनों पर 2500 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगेगा। बिना अनुमति 7 दिनों से अधिक रुकने पर वाहन जब्त किया जा सकता है और बिना शुल्क प्रवेश पर 5000 नेपाली रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
कौन से दस्तावेज साथ रखना जरूरी है?
भारतीय दूतावास ने सलाह दी है कि वाहन चालकों के पास मूल पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC), मूल ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वैध बीमा का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इसके अलावा सीमा शुल्क परमिट (भंसार) और वाहन परमिट (यातायात अनुमति) भी साथ रखें। हालांकि, यदि कोई वाहन मलंगवा बाजार तक जाकर उसी दिन वापस लौट आता है, तो कोई शुल्क नहीं लगेगा, लेकिन इसके लिए सीमा शुल्क कार्यालय से सुविधा प्रमाण पत्र लेना जरूरी होगा।