Bihar: नेपाल सरकार द्वारा कस्टम नियमों में बदलाव के बाद बिहार के सीमावर्ती बाजारों की रौनक खत्म हो गई है। किशनगंज के गलगलिया और गलगलिया नया बाजार समेत कई इलाकों में व्यापार पर बुरा असर पड़ा है। नेपाली ग्राहकों की संख्या
Bihar: नेपाल सरकार द्वारा कस्टम नियमों में बदलाव के बाद बिहार के सीमावर्ती बाजारों की रौनक खत्म हो गई है। किशनगंज के गलगलिया और गलगलिया नया बाजार समेत कई इलाकों में व्यापार पर बुरा असर पड़ा है। नेपाली ग्राहकों की संख्या घटने से स्थानीय दुकानदारों की कमाई में भारी गिरावट आई है।
नेपाल सरकार ने क्या नियम बदले हैं?
नेपाल सरकार ने अब 100 नेपाली रुपये (करीब 62 भारतीय रुपये) से ज्यादा के भारतीय सामानों पर सीमा शुल्क लगाना अनिवार्य कर दिया है। यह शुल्क सामान के हिसाब से 5% से लेकर 80% तक हो सकता है। इसके अलावा भारतीय वाहनों के लिए अब अनिवार्य पंजीकरण और प्रवेश शुल्क लागू किया गया है। अब कोई भी भारतीय वाहन एक साल में 30 दिन से ज्यादा नेपाल में नहीं रह सकेगा।
व्यापारियों और आम लोगों पर क्या असर पड़ा?
सीमावर्ती बाजारों में नेपाली ग्राहकों की संख्या 25% से 50% तक कम हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि इससे उनके कारोबार पर गहरा असर पड़ा है और वे केंद्र सरकार से मदद की मांग कर रहे हैं। वहीं नेपाली नागरिकों ने बताया कि नए नियमों की वजह से रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ गए हैं और सीमा पर सामान जब्त होने का डर बना रहता है।
सरकार और अधिकारियों का क्या कहना है?
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मुद्दे पर नेपाल सरकार के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने साफ किया कि यह नियम पुराने प्रावधानों को ही सख्ती से लागू करने जैसा है। दूसरी तरफ नेपाल प्रशासन का दावा है कि यह कदम तस्करी रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए उठाया गया है, न कि भारतीय सामानों को रोकने के लिए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नेपाल में भारतीय सामानों पर कितना टैक्स लगेगा?
100 नेपाली रुपये से अधिक मूल्य के सामानों पर 5% से 80% तक सीमा शुल्क लगेगा, जो सामान की श्रेणी पर निर्भर करता है।
भारतीय वाहनों के लिए नेपाल के नए नियम क्या हैं?
भारतीय वाहनों के लिए अब अनिवार्य पंजीकरण और प्रवेश शुल्क देना होगा। साथ ही, एक वर्ष में अधिकतम 30 दिनों तक ही नेपाल में रहने की अनुमति होगी।