Nepal में सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत-नेपाल बॉर्डर छठे दिन भी सील, बिना जांच नहीं मिलेगी एंट्री
Bihar/Araria : नेपाल के सुनसरी जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत और नेपाल के बीच की सीमा छठे दिन भी पूरी तरह बंद रही। 1 अगस्त 2026 को भी बॉर्डर सील रहा और आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सुरक्ष
Bihar/Araria : नेपाल के सुनसरी जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत और नेपाल के बीच की सीमा छठे दिन भी पूरी तरह बंद रही। 1 अगस्त 2026 को भी बॉर्डर सील रहा और आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और बिना कड़ी जांच के किसी को भी सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
यह पूरा मामला 26 जुलाई 2026 की रात को नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका के कप्तानगंज में शुरू हुआ। सावन के महीने में बोलबम यात्रा के दौरान तेज संगीत बजाने और धार्मिक झंडे हटाने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया। इस हिंसा में ओमप्रकाश मेहता और जयप्रकाश मेहता की गोली लगने से मौत हो गई।
इस तनाव के कारण बिहार के अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड स्थित फुलकाहा बॉर्डर समेत कई अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को सील कर दिया गया है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) और बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस सीमा पर तैनात है। फुलकाहा SSB बीओपी प्रभारी सहायक सेनानायक राणा कुमार ने बताया कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध जारी है, जिससे सीमावर्ती गांवों के लोगों के रोजमर्रा के कामों पर असर पड़ा है।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने इस हिंसा पर दुख जताया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने साफ किया कि पुलिस की गोलीबारी में हुई मौतों की जांच होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भी लोगों से एकता और सद्भाव बनाए रखने को कहा है। सुरक्षा की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) की बैठक भी हुई है।
नेपाल के कई इलाकों में अभी भी स्थिति तनावपूर्ण है। सुनसरी जिले के इनरुवा, दुहाबी, कोशी, देवानगंज, हरिनगर, गढ़ी, बरजू और भोकराहा नरसिंह जैसे निकायों के साथ-साथ सिराहा जिले के संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। भारत और नेपाल दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां लगातार संपर्क में हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।