नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा के बाद बिहार बॉर्डर पर हाई अलर्ट, मधुबनी और अररिया में सुरक्षा कड़ी

Bihar: नेपाल में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत के बिहार बॉर्डर पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। नेपाल के कई जिलों में हालात बिगड़ने के कारण वहां कर्फ्यू लगा है और सेना को सड़कों पर उतरना पड़ा है। इस तनावपूर्ण माहौ

Bihar: नेपाल में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत के बिहार बॉर्डर पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। नेपाल के कई जिलों में हालात बिगड़ने के कारण वहां कर्फ्यू लगा है और सेना को सड़कों पर उतरना पड़ा है। इस तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए बिहार के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी कर दी गई है ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।

यह पूरा विवाद 26 जुलाई 2026 को नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज ग्रामीण नगरपालिका के कप्तानगंज इलाके में शुरू हुआ था। सावन के महीने में ‘बोल बम’ कांवड़ यात्रा के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर दो धार्मिक समुदायों के बीच झगड़ा हो गया, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। इस हिंसा में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है और सुरक्षाकर्मियों समेत 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

नेपाल सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए सुनसरी, सप्तरी, सिराहा और धनुषा जिलों में कर्फ्यू लगा दिया है, जबकि पर्सा जिले में निषेधाज्ञा लागू की गई है। वहां की पुलिस, सशस्त्र प्रहरी बल और नेपाली सेना की टुकड़ियां तैनात हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि हिंसा की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दी जाएगी।

बिहार के मधुबनी और अररिया जैसे सीमावर्ती जिलों में एसएसबी (Sashastra Seema Bal) और स्थानीय पुलिस के जवान अलर्ट पर हैं। सीमा पर वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है। बिहार पुलिस की साइबर सेल सोशल मीडिया पर नजर रख रही है ताकि कोई भ्रामक खबर फैलाकर स्थानीय माहौल को न बिगाड़ सके। साथ ही, बिना वैध पहचान पत्र के भारत से नेपाल में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है ताकि घुसपैठ को रोका जा सके।