NEET-UG 2026 : देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आई है। सरकार ने इस परीक्षा को रद्द कर दिया है और पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी है। जांच एजेंसियों ने महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर
NEET-UG 2026 : देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आई है। सरकार ने इस परीक्षा को रद्द कर दिया है और पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी है। जांच एजेंसियों ने महाराष्ट्र, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में छापेमारी कर एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें डॉक्टर और कोचिंग सेंटर वाले भी शामिल हैं।
परीक्षा क्यों रद्द हुई और अब आगे क्या होगा?
NTA ने 8 मई को अनियमितताओं की जानकारी केंद्रीय एजेंसियों को दी थी, जिसके बाद 12 मई 2026 को सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। अब यह परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। छात्रों को अच्छी बात यह है कि उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने या कोई अलग से फीस भरने की जरूरत नहीं होगी। उनके पुराने आवेदन ही मान्य रहेंगे।
कौन-कौन गिरफ्तार हुए और कैसे काम करता था यह रैकेट?
इस मामले में करीब 45 से 48 लोगों को हिरासत में लिया गया है। मुख्य आरोपी मनीष यादव को जयपुर से गिरफ्तार किया गया है। नासिक से शुभम खैरनार नाम के एक मेडिकल छात्र को पकड़ा गया है, जिसने 10 लाख रुपये देकर ‘गेस पेपर’ हासिल किया था। इस नेटवर्क में पेपर सॉल्वर, फर्जी परीक्षार्थी और एमबीबीएस छात्र शामिल थे। जांच में पता चला कि एक गेस पेपर में 410 सवाल थे, जिनमें से 120 से 150 सवाल असली परीक्षा में आए थे।
किन राज्यों में फैला था यह नेटवर्क?
सीबीआई की टीमें फिलहाल महाराष्ट्र, उत्तराखंड और राजस्थान में तैनात हैं। इस पूरे घोटाले के तार महाराष्ट्र, केरल, हरियाणा, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों से जुड़े हुए हैं। राजस्थान पुलिस के SOG ने शुरुआती जांच में इस संगठित नेटवर्क का खुलासा किया था, जिसके बाद अब सीबीआई इसकी गहराई से जांच कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या NEET-UG 2026 के छात्रों को दोबारा फॉर्म भरना होगा?
नहीं, NTA ने साफ किया है कि उम्मीदवारों को फिर से पंजीकरण करने या कोई अतिरिक्त शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होगी। पुराने आवेदन विवरण ही मान्य रहेंगे।
इस पेपर लीक मामले में अब तक कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं?
जांच एजेंसियों ने अब तक 5 राज्यों से लगभग 45 से 48 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें मुख्य सरगना मनीष यादव और छात्र शुभम खैरनार शामिल हैं।