NEET re-exam में Physics का पेपर था सबसे कठिन, Mumbai के छात्रों ने की शिकायत, गिर सकती है Cut-off

Maharashtra: मुंबई में रविवार को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा हुई, जिसमें छात्रों को फिजिक्स के सवालों ने काफी परेशान किया। छात्रों और कोचिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिजिक्स का सेक्शन काफी लंबा और कठिन था, जिसकी वजह स

Maharashtra: मुंबई में रविवार को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा हुई, जिसमें छात्रों को फिजिक्स के सवालों ने काफी परेशान किया। छात्रों और कोचिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिजिक्स का सेक्शन काफी लंबा और कठिन था, जिसकी वजह से इस बार कट-ऑफ कम रहने की उम्मीद है।

परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चली। National Testing Agency (NTA) ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, जिसमें बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और पूरी चेकिंग शामिल थी। सेंटर के गेट ठीक 1:30 बजे बंद कर दिए गए थे और उसके बाद किसी भी छात्र को अंदर नहीं आने दिया गया। छात्रों को नया एडमिट कार्ड, सरकारी आईडी और पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना जरूरी था।

पेपर के विश्लेषण में सामने आया कि बायोलॉजी का हिस्सा आसान था और ज्यादातर सवाल NCERT से थे। केमिस्ट्री का स्तर मध्यम से कठिन रहा, खासकर फिजिकल केमिस्ट्री के लंबे कैलकुलेशन ने छात्रों का समय लिया। वहीं, फिजिक्स को सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना गया क्योंकि इसमें गहरे कॉन्सेप्ट और ज्यादा गणना की जरूरत थी।

कोचिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पेपर कठिन होने के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए कट-ऑफ नीचे जा सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि All India Quota (AIQ) जनरल कैटेगरी के लिए यह 590-600 अंक रह सकती है। महाराष्ट्र के सरकारी कॉलेजों के लिए यह 520-530 के बीच हो सकती है, हालांकि मुंबई के कॉलेजों के लिए यह 580-585 तक जा सकती है। एक अच्छी रैंक के लिए 620-650 अंक लाना प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है।

परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों पर छात्रों को समस्याओं का सामना भी करना पड़ा। कुछ छात्रों को पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने से रोका गया और कुछ केंद्रों पर बिजली गुल होने की खबरें भी आईं। NTA ने इस परीक्षा को सफल बनाने के लिए देशभर में करीब 7 लाख अधिकारियों को तैनात किया था और दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था की थी। अब छात्रों को 24 जून के आसपास आधिकारिक प्रोविजनल आंसर की का इंतजार है।